प्रेसवार्ता में नेतागण

0
27
प्रेसवार्ता में नेतागण

प्रेस वार्ता में उपस्थित प्रमुख नेता एवं नीति-निर्माता ने 23 अक्टूबर 2026 को एक ऐतिहासिक मंच पर अपनी दृष्टि और योजनाओं को प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम राजधानी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रेस क्लब में आयोजित हुआ, जहाँ देश के प्रमुख राजनेता, संसद सदस्य, और अंतरराष्ट्रीय दूतावास के राजदूत एकत्रित हुए। पत्रकारों के सामने खुली चर्चा के दौरान, सरकार ने आने वाले वर्ष की आर्थिक रणनीति, शिक्षा सुधार, और जलवायु परिवर्तन निवारण योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस वार्ता में समावेशी विकास और डिजिटल परिवर्तन को केंद्र में रखकर, नयी पहलें और बजट आवंटन की घोषणा की गई, जिससे जनता और निवेशकों के बीच आशा की किरण जग गई।

प्रमुख राजनेताओं ने डिजिटल इंडिया पर नई पहलें पेश कीं

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत सरकार ने 2027 तक हर ग्रामीण क्षेत्र में 100% इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की योजना प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त, ‘स्मार्ट सिटी’ परियोजना को तेज करने के लिए 500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे शहरी बुनियादी ढाँचे में सुधार और नागरिकों को ऑनलाइन सेवाओं तक आसान पहुँच मिलेगी। इस पहल से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, विशेषकर युवा वर्ग के लिए। डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत, 10 लाख से अधिक युवाओं को प्रोग्रामिंग और डेटा एनालिटिक्स की शिक्षा दी जाएगी, जिससे उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाया जा सके।

शिक्षा सुधार में बुनियादी ढाँचे और पाठ्यक्रम में बदलाव

शिक्षा मंत्री ने 2028 तक 100% स्कूलों में डिजिटल लैब्स और स्मार्ट क्लासरूम स्थापित करने की घोषणा की। इसके साथ ही, पाठ्यक्रम में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, कला और गणित (STEAM) को प्रमुखता दी जाएगी। साथ ही, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 20% बजट बढ़ाया जाएगा, ताकि शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण विधियों और प्रौद्योगिकियों से अवगत कराया जा सके। इस कदम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तक और ऑनलाइन संसाधन उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया।

जलवायु परिवर्तन निवारण के लिए नई नीतियाँ

पर्यावरण मंत्रालय ने हरित ऊर्जा पर केंद्रित 15% बजट बढ़ाने की योजना पेश की। इस योजना के तहत, 2027 तक 30% ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय स्रोतों को शामिल किया जाएगा। साथ ही, 500 करोड़ रुपये का निवेश पवन ऊर्जा परियोजनाओं में किया जाएगा, जिससे 5 करोड़ टन CO₂ उत्सर्जन में कटौती की उम्मीद है। सरकार ने जल संरक्षण और वानिकी कार्यक्रमों को भी मजबूती दी है, जिससे देश की जैव विविधता और जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, ‘ग्रीन ट्रांज़िशन’ के तहत उद्योगों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और व्यापार संवर्धन

विदेश मंत्री ने वैश्विक व्यापार मंच पर भारत की नई व्यापार नीतियों पर प्रकाश डाला। 2027 से शुरू होने वाली ‘डिजिटल ट्रेड पॉलिसी’ के तहत, ई-कॉमर्स, डेटा फ्लो, और साइबर सुरक्षा पर नए नियम लागू होंगे। इससे विदेशी निवेशकों को भारत के डिजिटल बाजार में आसान पहुँच मिलेगी। साथ ही, ‘मेक इन इंडिया’ पहल को सुदृढ़ करने के लिए 10% कर छूट और प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे विदेशी निवेशकों को भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में आकर्षित किया जा सके। इस वार्ता में भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ भी समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

निष्कर्ष

इस प्रेस वार्ता ने सरकार की समग्र विकास रणनीति को स्पष्ट किया, जिसमें डिजिटल परिवर्तन, शिक्षा सुधार, जलवायु संरक्षण, और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर विशेष ध्यान दिया गया। ये योजनाएँ न केवल आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देंगी, बल्कि सामाजिक समावेशन और पर्यावरणीय स्थिरता को भी सुनिश्चित करेंगी। जनता और निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि भारत भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।