File photo: Arunachal Pradesh CM Pema Khandu

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File photo: Arunachal Pradesh CM Pema Khandu

पिछले दिन 24 अक्टूबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेम कंदू ने राज्य के विकास के लिए एक व्यापक योजना का अनावरण किया। इस कार्यक्रम में शिक्षा, पर्यावरण, सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि के क्षेत्र में नई पहलों की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने, स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने और सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। इस कदम का उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश को समग्र रूप से विकसित करना और लोगों के जीवन स्तर को ऊँचाई पर पहुँचाना है।

पेम कंदू की नई शिक्षा नीति: ग्रामीण परिवर्तन का नया युग

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विद्यालयों में डिजिटल कक्षा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस योजना के तहत 2000 से अधिक प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में टैबलेट और हाई‑स्पीड इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही, शिक्षकों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिससे शिक्षण गुणवत्ता में सुधार होगा। पेम कंदू का मानना है कि शिक्षा की यह नई दिशा युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़कर गरीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पर्यावरण संरक्षण के लिए नई पहलों का उद्घाटन

राज्य सरकार ने 2027-28 के लिए 15 बिलियन रुपये का बजट आवंटित किया है, जो कि वनों की पुनर्वनीकरण और जल संरक्षण परियोजनाओं में लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने “हरित अरुणाचल” अभियान की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत 500,000 पेड़ों की रोपाई और नदी पुनःस्थापन कार्य को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, रासायनिक कचरे के निपटान के लिए एक नई सुविधा का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे पर्यावरणीय प्रदूषण में कमी आएगी।

सुरक्षा बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश की घोषणा

सीमा पर स्थित सैन्य अड्डों और गश्त मार्गों को सुदृढ़ करने के लिए 20 बिलियन रुपये का निवेश किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत नई टेलीमेट्री प्रणालियाँ, ड्रोन निरीक्षण और तेज़ गश्त वाहन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस निवेश से सीमा पर तैनात सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और राज्य की राष्ट्रीय रक्षा में योगदान बढ़ेगा। साथ ही, स्थानीय आबादी के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

राजनीतिक दलों से मिली प्रतिक्रिया और चुनौतियाँ सामना

राज्य के प्रमुख विपक्षी दलों ने इस योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह विकास की दिशा में एक सही कदम है। हालांकि, कुछ दलों ने बजट आवंटन में असमानता और ग्रामीण-शहरी असमानता को लेकर चिंता जताई। मुख्यमंत्री ने इन चिंताओं का समाधान करते हुए कहा कि भविष्य में योजनाओं के कार्यान्वयन के दौरान सभी हितधारकों की राय ली जाएगी और योजनाओं को समायोजित किया जाएगा।

निष्कर्ष

पेम कंदू की इस नई विकास योजना से अरुणाचल प्रदेश को शिक्षा, पर्यावरण, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में नई ऊर्जा मिलेगी। यदि इन पहलों को सही ढंग से लागू किया जाता है, तो यह राज्य के समग्र विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा। मुख्यमंत्री का यह निर्णय न केवल राज्य के लोगों के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है।