दिवाली के पावन अवसर पर 24 अक्टूबर 2026 को नगर निगम द्वारा आयोजित दिवाली मेला बड़े उत्साह के साथ खुला। इस कार्यक्रम में शहर की विविध सांस्कृतिक धरोहरों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमों को एक मंच प्रदान किया गया। इस भव्य आयोजन में चेयरमैन चंद्र प्रकाश गोयल की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी रोशन कर दिया। उनकी सहभागिता से यह स्पष्ट हुआ कि विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक समरसता को भी समान महत्व दिया जा रहा है।
चंद्र प्रकाश गोयल का दिवाली मेले में स्वागत
मेला के उद्घाटन समारोह में चेयरमैन गोयल ने उपस्थित सभी लोगों को हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा, “दिवाली केवल रोशनी और मिठाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और समाज की एकजुटता का प्रतीक है।” उनके इस शब्दों ने मेले के माहौल को और भी जीवंत बना दिया। उन्होंने मेले के प्रमुख स्टॉलों का भी दौरा किया और कारीगरों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की।
सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने का प्रयास सभी के लिए
चेयरमैन गोयल ने इस अवसर पर सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में नगर निगम द्वारा “सामुदायिक उद्यमिता कार्यक्रम” के तहत छोटे और मझोले उद्यमों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके तहत, स्थानीय कारीगरों को उत्पादन और विपणन में सहायता मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। यह कार्यक्रम सभी वर्गों के लिए खुला रहेगा और विशेष रूप से महिलाओं व युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
स्थानीय उद्योगों को मिले नई पहचान और रोजगार के अवसर
मेला में 50 से अधिक स्टॉल थे, जिन पर स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुएँ प्रदर्शित थीं। चेयरमैन गोयल ने इन स्टॉलों के लिए विशेष प्रमोशनल योजनाएँ शुरू करने की बात कही। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि इन उद्योगों को नई पहचान मिले और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।” इस घोषणा के साथ ही उन्होंने एक नई “सप्लाई चेन प्रोग्राम” का भी परिचय कराया, जिससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार में भी पहुंचाया जा सके।
भविष्य की योजनाओं पर चर्चा साथ ही सामाजिक कल्याण के लिए
मेला के समापन से पहले, चेयरमैन गोयल ने भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में नगर निगम द्वारा “स्मार्ट मेला” की अवधारणा को अपनाया जाएगा, जिसमें डिजिटल भुगतान, ई-टिकटिंग और ऑनलाइन प्रबंधन की सुविधा होगी। साथ ही, वे सामाजिक कल्याण के लिए “सांस्कृतिक शिक्षा कार्यक्रम” भी शुरू करेंगे, जिससे युवाओं को सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक किया जा सके।
निष्कर्ष
इस दिवाली मेले में चेयरमैन चंद्र प्रकाश गोयल की सहभागिता ने न केवल कार्यक्रम को एक नई ऊर्जा दी, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि विकास और सांस्कृतिक समृद्धि का संगम ही समाज के समग्र कल्याण की कुंजी है। उनके द्वारा घोषित नई पहलों से स्थानीय उद्योगों को नई पहचान मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस प्रकार, दिवाली के इस पावन अवसर पर शहर ने एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक विरासत और विकासशील भविष्य के बीच संतुलन स्थापित किया।


