राज्यपाल श्री डेका आज शनिवार को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया (एपीटीआई) के 28वें राष्ट्रीय अधिवेशन एपिकॉन-2026 को संबोधित कर रहे थे

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राज्यपाल श्री डेका आज शनिवार को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया (एपीटीआई) के 28वें राष्ट्रीय अधिवेशन एपिकॉन-2026 को संबोधित कर रहे थे

राजा-राजा का सम्मान और विज्ञान की नई दिशा: पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में राज्यपाल श्री डेका का संबोधन

राजा-राजा के सम्मानित पद पर बैठे राज्यपाल श्री डेका ने आज शनिवार को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया (एपीटीआई) के 28वें राष्ट्रीय अधिवेशन एपिकॉन-2026 में अपना स्वागत भाषण दिया। यह कार्यक्रम भारतीय दवा शिक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जहाँ देश के प्रमुख शिक्षाविद, शोधकर्ता और नीति-निर्माता एकत्रित होकर दवा विज्ञान के भविष्य पर चर्चा करते हैं। राज्यपाल का भाषण इस क्षेत्र के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और नई नीतियों की दिशा को स्पष्ट करता है, जिससे छात्रों और शिक्षकों को नई प्रेरणा मिलती है।

दवा शिक्षा के लिए नई रणनीति और दृष्टिकोण

राज्यपाल ने दवा शिक्षण के लिए नवीनतम रणनीतियों पर प्रकाश डाला, जिसमें डिजिटल शिक्षा, इंटरैक्टिव लर्निंग मॉड्यूल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रमुखता दी गई। उन्होंने बताया कि सरकार दवा शिक्षण संस्थानों को बेहतर बुनियादी ढांचे, शोध निधि और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने में सहायता करेगी। यह कदम दवा शिक्षकों और छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक माना गया।

नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के कदम

अधिवेशन के दौरान, राज्यपाल ने दवा विज्ञान में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने दवा खोज और विकास के लिए स्टार्ट-अप्स और अनुसंधान केंद्रों को प्रोत्साहित करने वाली नई पहल की रूपरेखा पेश की। यह पहल दवा उद्योग को नई दवाओं के विकास और उत्पादन में तेजी लाने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। साथ ही, उन्होंने दवा शिक्षण में अनुसंधान आधारित पाठ्यक्रमों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उद्योग और शिक्षा का संगम: नई साझेदारियाँ

राज्यपाल ने दवा उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उद्योग के विशेषज्ञों को शिक्षण कार्यक्रमों में शामिल करके छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और इंटर्नशिप के अवसर मिलेंगे। इससे न केवल छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी, बल्कि दवा उद्योग को भी नवीनतम शोध और तकनीकी नवाचारों से लाभ मिलेगा। यह सहयोग दवा विज्ञान के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति को तेज करेगा।

छात्रों और शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक संदेश

राज्यपाल ने अपने भाषण में छात्रों और शिक्षकों को प्रेरित करने के लिए एक सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दवा विज्ञान केवल रासायनिक प्रयोग नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य और कल्याण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिक्षा में उत्कृष्टता और अनुसंधान में नवाचार के माध्यम से देश को वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने छात्रों को अपने सपनों के प्रति दृढ़ संकल्प और सतत प्रयास की महत्ता बताई, ताकि वे भविष्य में दवा विज्ञान के क्षेत्र में विश्वसनीय योगदान दे सकें।

निष्कर्ष

राज्यपाल श्री डेका का एपिकॉन-2026 में संबोधन दवा शिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊर्जा और दिशा लेकर आया। सरकार की नई नीतियों और योजनाओं के साथ, दवा शिक्षा और उद्योग का संगम देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत और समृद्ध बनाएगा। यह कार्यक्रम छात्रों, शिक्षकों और उद्योग के बीच तालमेल बढ़ाने के साथ-साथ दवा विज्ञान को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।