राष्ट्र सेविका समिति के 90वें वर्षगांठ समारोह में जबलपुर के विविध समुदायों ने नारीशक्ति की रोशनी के साथ एकजुट होकर राष्ट्रभक्ति का नया अध्याय लिखा। 26 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हजारों महिलाएँ, समाजसेवक, राजनेता और युवा कार्यकर्ता एकत्रित हुए, जिन्होंने समिति के 90 वर्ष के इतिहास को याद किया और भविष्य के लिए नई योजनाओं का वचन दिया।
जबलपुर की गलियों में गूंजा नारीशक्ति का राष्ट्रीय संगम
समारोह की शुरुआत सुमन रानी, समिति की अध्यक्ष, ने की। उन्होंने 90 वर्षों के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में किये गए कार्यों का स्मरण कराया। कार्यक्रम स्थल पर लगी बैनर पर लिखा था, “सशक्त महिला, सशक्त राष्ट्र”।
सामाजिक कार्यों की गाथा: शिक्षा से स्वास्थ्य तक
समिति के प्रमुख प्रोजेक्ट्स में ग्रामीण शैक्षणिक संस्थानों का निर्माण, नारी स्वास्थ्य शिविर, और उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। 2024 में शुरू हुआ ‘मातृत्व स्वास्थ्य अभियान’ ने 10,000 से अधिक माताओं को मातृत्व देखभाल उपलब्ध कराई।
युवा महिलाओं का योगदान: नवाचार और नेतृत्व
समारोह में युवा कार्यकर्ताओं ने अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया। 17 वर्ष की आयु में ‘डिजिटल शिक्षा’ के माध्यम से 5000 ग्रामीण छात्रों को ऑनलाइन कक्षाएँ उपलब्ध कराने वाले ‘इंटरनेट रानी’ को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय भावना की पुनः पुष्टि: एकजुटता और समर्पण
राज्य के मुख्यमंत्री और केंद्रीय महिला समन्वयक ने इस कार्यक्रम में भाग लेकर महिलाओं के सशक्तिकरण की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “हमारा देश तभी समृद्ध होगा जब सभी महिलाएँ सशक्त होंगी।”
निष्कर्ष
राष्ट्र सेविका समिति के 90 वर्षों की यात्रा नारीशक्ति के सशक्तिकरण के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और समृद्धि का प्रतीक रही है। जबलपुर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि महिलाएँ केवल समाज की सहायक नहीं, बल्कि समाज के प्रमुख निर्माता और नेता हैं। समिति के भविष्य के लिए यह स्पष्ट हो गया कि नारीशक्ति के बल पर राष्ट्र की नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की जा सकती हैं।


