तैयारी शुरू

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तैयारी शुरू

29 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रथम अंतरराष्ट्रीय भविष्य फ्यूचर फेस्टिवल की तैयारी शुरू करने की घोषणा की। यह कार्यक्रम 2027 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है और इसे “वैश्विक नवाचार, समृद्धि और स्थिरता” के विषय पर आधारित किया गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य भारत को विश्व मंच पर एक अग्रणी नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके अंतर्गत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और सामाजिक समावेशिता के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति को प्रदर्शित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए सरकार ने 15 अरब रुपये का बजट आवंटित किया है और विभिन्न राज्यों व निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी के लिए कदम बढ़ाए हैं।

नया अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम: भविष्य का मंच, वैश्विक सहयोग के साथ

इस फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाला “इनोवेशन लैब” है, जहाँ विश्व के प्रमुख शोधकर्ताओं और उद्यमियों को आमंत्रित किया जाएगा। लैब में 3D प्रिंटिंग, AI, बायोटेक और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नवीनतम परियोजनाओं का प्रदर्शन होगा। सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए विश्व के शीर्ष 50 विश्वविद्यालयों और टेक कंपनियों को शामिल किया है, जिससे भारतीय युवाओं को वैश्विक अनुभव का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, फेस्टिवल के दौरान “स्टार्टअप पिचिंग” प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी, जिसमें विजेताओं को 5 करोड़ रुपये तक की फंडिंग मिलेगी।

सहयोग और साझेदारी: अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू गठबंधन, मजबूत

भारत ने इस कार्यक्रम के लिए 25 देशों के साथ औपचारिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर कर लिए हैं। इन देशों में अमेरिका, जर्मनी, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया प्रमुख हैं। इसके अलावा, घरेलू स्तर पर टेक्नोलॉजी और शिक्षा मंत्रालय ने स्टेट-ऑफ-द-आर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास हेतु 10 प्रमुख स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी की है। सरकार ने “डिजिटल इंडिया” पहल के तहत 5,000 ग्रामीण स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल कक्षा सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं, ताकि फेस्टिवल के दौरान ग्रामीण प्रतिभागियों को भी हिस्सा लेने का मौका मिले।

प्रौद्योगिकी और नवाचार: उभरती तकनीकें और शोध, परिप्रेक्ष्य

फेस्टिवल के दौरान “हाइपर-रियलिटी” और “क्वांटम कंप्यूटिंग” के क्षेत्र में विशेष सत्र आयोजित किए जाएँगे। वैज्ञानिकों के अनुसार, इन तकनीकों से ऊर्जा दक्षता और स्वास्थ्य देखभाल में क्रांतिकारी बदलाव संभव हैं। इस कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और नासा के बीच एक संयुक्त परियोजना शुरू की जाएगी, जिसका उद्देश्य मंगल पर स्थायी मानव मिशन की तैयारी करना है। इसके साथ ही, नयी ऊर्जा स्रोतों जैसे कि “सोलर‑हाइड्रोजन” पर शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।

सामाजिक प्रभाव और शिक्षा: समावेशी विकास का लक्ष्य

इस फेस्टिवल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य शिक्षा और सामाजिक समावेशिता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान “स्किल इंडिया” वर्कशॉप्स और “काउंसिलिंग सेंटर्स” स्थापित किये जाएँगे, जहाँ वंचित समुदाय के युवाओं को नवीनतम कौशल प्रशिक्षण मिलेगा। साथ ही, फेस्टिवल के दौरान “किड्स इनोवेशन कॉन्टेस्ट” भी आयोजित किया जाएगा, जिससे 10-18 वर्ष के छात्रों को अपनी रचनात्मकता दिख