बातचीत करते हुए हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा।

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बातचीत करते हुए हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा।

हरियाणा की राजनैतिक धड़कन में डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा का एक नया अध्याय खुला है। 31 अक्टूबर 2026 को विधानसभा के सत्र के दौरान उन्होंने एक खुली बातचीत के माध्यम से अपनी दृष्टि और योजनाएँ साझा कीं। यह संवाद न केवल उनके व्यक्तिगत अनुभवों को उजागर करता है, बल्कि हरियाणा की नीति निर्माण प्रक्रिया में एक नई दिशा भी दर्शाता है। इस लेख में हम उनके वैज्ञानिक पृष्ठभूमि, राजनीतिक दृष्टिकोण और भविष्य के लक्ष्यों पर प्रकाश डालेंगे।

डॉ. कृष्ण मिड्ढा: राजनीति और विज्ञान का संगम

डॉ. कृष्ण मिड्ढा, जो एक प्रतिष्ठित न्यूरोसाइंटिस्ट भी हैं, ने अपनी वैज्ञानिक सोच को राजनीतिक निर्णय लेने में समाहित किया है। उनका मानना है कि नीति निर्माण के लिए डेटा-आधारित निर्णय अनिवार्य हैं। उन्होंने विज्ञान और नीति के बीच की खाई को पाटते हुए कई स्वास्थ्य और शिक्षा कार्यक्रमों के विकास में योगदान दिया है। उनका यह अनुभव हरियाणा के विकास में एक नई ऊर्जा का संचार करता है, जिससे किसानों, छात्रों और स्वास्थ्य कर्मियों को लाभ मिलता है।

विधानसभा में संवाद की नई दिशा और दृष्टिकोण

विधानसभा में डिप्टी स्पीकर के रूप में, डा. मिड्ढा ने संवाद की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समावेशी बनाया है। उन्होंने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग कर सांसदों के बीच रियल-टाइम फीडबैक सुनिश्चित किया। इस पहल से नीतिगत चर्चाएँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सभी हितधारकों की आवाज़ को स्थान मिल रहा है। इसके अलावा, उन्होंने “सुनवाई वर्कशॉप” की शुरुआत की, जहां आम नागरिकों के सवालों का सीधा उत्तर दिया जाता है।

साक्षात्कार में उजागर किए गए प्रमुख मुद्दे और समाधान

साक्षात्कार के दौरान डा. मिड्ढा ने ग्रामीण स्वास्थ्य, जल संरक्षण और कृषि तकनीक के प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हरियाणा में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच अभी भी असमान है और इसके लिए मोबाइल क्लीनिक और टेलीमेडिसिन का विस्तार आवश्यक है। जल संरक्षण के क्षेत्र में, उन्होंने सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप और वर्षा जल संचयन प्रणाली की वकालत की। कृषि तकनीक में, उन्होंने ड्रिप इरिगेशन और स्मार्ट फसल प्रबंधन प्रणालियों को अपनाने का सुझाव दिया, जिससे उपज और किसानों की आय दोनों बढ़ेंगी।

भविष्य के लिए उनके विचार और योजनाएँ सफलता के लिए

भविष्य के लिए डा. मिड्ढा की योजनाएँ हरियाणा को एक ज्ञान-आधारित राज्य बनाने पर केंद्रित हैं। वे शिक्षा में डिजिटल इंडिया के सिद्धांतों को लागू करके ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य रखते हैं। साथ ही, वे हरियाणा को “ग्रीन टेक्नोलॉजी” के केंद्र में बदलने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का समर्थन कर रहे हैं। उनका विश्वास है कि विज्ञान और नीति का संगम ही समाज में स्थायी परिवर्तन लाने की कुंजी है।

निष्कर्ष

डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा का यह संवाद हरियाणा के विकास के लिए एक प्रेरणादायक कदम है। विज्ञान की तर्कसंगतता और राजनीति की व्यावहारिकता का संगम उन्हें एक अनोखा नेता बनाता है। उनके प्रयास से विधानसभा न केवल नीतिगत निर्णयों में दक्षता लाती है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को भी सशक्त बनाती है। इस नई दिशा के साथ, हरियाणा आने वाले वर्षों में सामाजिक-आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।