कोकराझार के गेलागुरी में वन विभाग ने किया रेस्क्यू।

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कोकराझार के गेलागुरी में वन विभाग ने किया रेस्क्यू।

कोकराझार के गेलागुरी में वन विभाग ने किया रेस्क्यू

गेलागुरी, कोकराझार – 3 नवंबर 2026 को कोकराझार के गेलागुरी इलाके में एक गंभीर जंगल दुर्घटना के बाद वन विभाग ने तेजी से रेस्क्यू कार्यवाही शुरू की। स्थानीय वन्यजीवन के बीच अचानक आई आग के कारण कई लोग फँस गए थे। वन विभाग के साहसी कर्मियों ने समय रहते आग को नियंत्रित करके लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। इस घटना ने क्षेत्र में वन सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन के महत्व को फिर से उजागर किया।

तेज़ी से जुटे वन कर्मियों ने बचे लोगों को निकाला

दुर्घटना के तुरंत बाद, वन विभाग के फायर ब्रिगेड, रेंज ऑफिसर और स्थानीय स्वयंसेवकों ने मिलकर एक समन्वित रेस्क्यू मिशन शुरू किया। 45 मिनट के भीतर ही 12 व्यक्तियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया। वन कर्मियों ने जलनशील पेड़ों के बीच से होकर जंगली आग को नियंत्रित किया और बचाव टीम को सुरक्षित मार्ग दिखाया।

आग को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया गया नवीनतम उपकरण

वन विभाग ने इस बार आग पर नियंत्रण पाने के लिए ड्रोन और थर्मल इमेजिंग कैमरे का उपयोग किया। इन तकनीकों के ज़रिए जलती हुई जगहों की पहचान कर, रेंज ऑफिसर ने फायर ब्रिगेड को सटीक निर्देश दिए। इसके साथ ही, जलनशील पौधों को हटाने के लिए हाथ से काम किया गया, जिससे आग के फैलाव को रोका गया।

स्थानीय समुदाय की भागीदारी ने मिशन को और आसान बनाया

गेलागुरी के गांवों के निवासी स्वयंसेवक के रूप में रेस्क्यू में शामिल हुए। उन्होंने पानी, खाना और प्राथमिक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई। गाँव के मुखिया ने बताया कि “हमारी सहायता से रेस्क्यू टीम को त्वरित पहुँच मिली और ज़रूरतमंदों की देखभाल बेहतर हुई।”

भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नई योजनाएँ

वन विभाग ने घोषणा की कि आगे चलकर ‘वन अग्नि चेतावनी प्रणाली’ और ‘सामुदायिक रेस्क्यू प्रशिक्षण’ कार्यक्रम लागू किये जाएँगे। इसके अलावा, हर वर्ष वन अग्नि प्रबंधन के लिए एक समर्पित बजट बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

निष्कर्ष

गेलागुरी में वन विभाग द्वारा की गई रेस्क्यू कार्रवाई ने न केवल लोगों की जान बचाई, बल्कि वन सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई। तेज़ी से प्रतिक्रिया, आधुनिक तकनीक और स्थानीय समुदाय की सहभागिता ने इस आपात स्थिति को सफलतापूर्वक संभाला। भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए बेहतर तैयारी और निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता को इस घटना ने स्पष्ट किया।