नेपाल दौरे पर भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री

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नेपाल दौरे पर भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री

विक्रम मिस्री, भारतीय विदेश सचिव, 4 नवम्बर 2026 को नेपाल के प्रमुख शहरों का दौरा करते हुए भारत-नेपाल संबंधों को नई दिशा देने का वादा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ करना था। यह यात्रा भारत के “साझा समृद्धि” और “सुरक्षित पड़ोसी” नीतियों के तहत एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी गई है।

भारत-नेपाल के बंधन को मजबूत करने का नया अध्याय

भारत और नेपाल के बीच 200 से अधिक वर्षों का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध है। मिस्री ने पाटलिपुत्र में पाली और संस्कृत के अध्ययन पर एक संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम की शुरुआत का प्रस्ताव रखा, जो दोनों राष्ट्रों के युवा विद्वानों के बीच संवाद को बढ़ावा देगा। उन्होंने नेपाल के साथ 1950 के दशक से जारी “समानता और परस्पर सम्मान” के सिद्धांतों पर बल देते हुए, दो देशों के बीच पारस्परिक समझौते को नयी ऊर्जा देने का आश्वासन दिया।

सीमा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर चर्चा

दोनों देशों की सीमाएँ 1,700 किमी से अधिक लंबी हैं, जहाँ आतंकवाद और तस्करी जैसी चुनौतियाँ मौजूद हैं। मिस्री ने नेपाल के साथ सीमा पर संयुक्त निगरानी और सूचना साझा करने के ढांचे को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव रखा। इसके तहत, दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच एक विशेष कार्यदल गठित करने का निर्णय लिया गया, जो सीमा पर अवैध गतिविधियों से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई करेगा।

आर्थिक सहयोग के लिए व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर

दौरे के दौरान भारत और नेपाल ने एक नया व्यापार समझौता पर हस्ताक्षर किया, जिससे दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान सुगम होगा। इस समझौते के अंतर्गत, भारतीय कंपनियों को नेपाल में निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन और कर छूट मिलेगी। इसके अतिरिक्त, नेपाल के कृषि उत्पादों, जैसे पपीता और चाय, को भारत में निर्यात करने के लिए नई रूट्स खोले जाएंगे, जिससे दोनों पक्षों की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।

सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान के उभरते नए अवसर

मिस्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों देशों के बीच मित्रता को और गहरा करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने नेपाल के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ भारतीय विश्वविद्यालयों में छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव दिया, जिससे छात्रों को दोनों संस्कृतियों का अनुभव प्राप्त होगा। इसके अलावा, नेपाली और भारतीय कलाकारों के बीच एक संयुक्त प्रदर्शनी की योजना बनाई गई, जो दोनों देशों की लोककला और संगीत को विश्व मंच पर प्रस्तुत करेगी।

निष्कर्ष

इस दौरे से भारत-नेपाल संबंधों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। सुरक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक क्षेत्रों में किए गए समझौतों से दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग के नए आयाम खुलेंगे। विक्रम मिस्री के नेतृत्व में, भारत ने नेपाल के साथ एक स्थायी और समृद्ध साझेदारी के लिए दृढ़ संकल्प दिखाया है, जो क्षेत्रीय शांति और समृद्धि में योगदान देगा।