देहरादून में गुरुवार को ‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश के स्कूली बच्चों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

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देहरादून में गुरुवार को ‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश के स्कूली बच्चों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

गुरुवार 5 नवंबर 2026 को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “दिल की बात, अंकल धामी के साथ” कार्यक्रम के तहत एक विशेष वर्चुअल संबोधन दिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश के सभी स्कूली बच्चों को प्रेरित करना और उनके भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। लाइव प्रसारण के दौरान धामी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के महत्व पर बल दिया और छात्रों को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस कार्यक्रम को खास बनाता है कि यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित हुआ, जिससे हर कोने के बच्चे तक पहुँच संभव हुई।

शिक्षा के नए आयाम: डिजिटल कक्षा का उदय

मुख्यमंत्री ने डिजिटल शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म छात्रों को विश्व स्तर के संसाधनों से जोड़ते हैं। उन्होंने राज्य में चल रहे “स्मार्ट कक्षा” प्रोजेक्ट की सफलता के आंकड़े साझा किए और बताया कि 90% स्कूलों में अब हाई‑स्पीड इंटरनेट उपलब्ध है। इसके अलावा, उन्होंने शिक्षकों को डिजिटल टूल्स के उपयोग में प्रशिक्षित करने की योजना की घोषणा की, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा।

स्वास्थ्य और स्वच्छता: स्वस्थ युवा, स्वस्थ राज्य

धामी ने छात्रों को स्वस्थ रहने के लिए रोज़ाना व्यायाम, सही आहार और पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी। उन्होंने “स्वच्छ भारत” अभियान के तहत स्कूलों में स्वच्छता सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने कोरोना महामारी के बाद मानसिक स्वास्थ्य पर भी चर्चा की और छात्रों को मनोवैज्ञानिक सहायता के लिए उपलब्ध संसाधनों के बारे में बताया।

रोजगार के अवसर: भविष्य की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार के लिए कौशल विकास के महत्व पर बल दिया। उन्होंने “कौशल विकास मिशन” के तहत पेशेवर प्रशिक्षण केंद्रों के विस्तार की योजनाएँ पेश कीं, जहाँ छात्रों को प्रोग्रामिंग, डिजिटल मार्केटिंग, और कृषि तकनीक जैसे क्षेत्र में प्रशिक्षण मिलेगा। उन्होंने बताया कि 2027 तक 50,000 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य है।

प्रेरणादायक संदेश: “सपनों को सच करने का समय”

धामी ने छात्रों को यह संदेश दिया कि सपने देखने से नहीं, बल्कि उन्हें साकार करने के लिए कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प की ज़रूरत है। उन्होंने अपने स्वयं के अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षा और परिश्रम से कोई भी लक्ष्य पाना संभव है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी क्षमताओं को पहचानें, समाज के लिए योगदान दें और अपने प्रदेश को गर्वान्वित करें।

निष्कर्ष

इस वर्चुअल संबोधन से यह स्पष्ट हुआ कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में ठोस कदम उठा रहे हैं। “दिल की बात, अंकल धामी के साथ” कार्यक्रम ने छात्रों को प्रेरित किया, उनके सवालों के जवाब दिए, और उन्हें भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन किया। यह कार्यक्रम प्रदेश के विकास के प्रति धामी के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है, और यह आशा जगाता है कि आने वाली पीढ़ी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के माध्यम से प्रदेश को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।