पुलिस प्रमुख ने 6 नवम्बर 2026 को दिल्ली के राजपथ पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले वर्ष के दौरान पुलिस विभाग ने साइबर अपराध, चोरी और मानव तस्करी के मामलों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि “सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में उठाए गए कदमों से नागरिकों का भरोसा बढ़ा है और अपराधियों के लिए जाल सघन हुआ है।” यह सूचना समाज में पुलिस की सक्रिय भूमिका और नागरिकों के साथ संवाद की नई दिशा दर्शाती है।
सुरक्षा जागरूकता के लिए नया अभियान आज शुरू
अफसर ने बताया कि “सुरक्षा जागरूकता” के तहत एक नई पहल शुरू की गई है जिसमें स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य युवा पीढ़ी को डिजिटल और भौतिक सुरक्षा के प्रति सचेत करना है। उन्होंने जोड़ा, “हमारा लक्ष्य है कि 60% से अधिक नागरिकों को सुरक्षित रहने के तरीकों से अवगत कराया जाए।” इस अभियान के अंतर्गत मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन्फोग्राफिक्स तथा वीडियो ट्यूटोरियल्स जारी किये जाने वाले हैं।
साइबर अपराध पर कड़ी कार्रवाई में कई सफलताएँ
साइबर अपराध विभाग के प्रमुख ने रिपोर्ट की कि पिछले वर्ष में 4,500 से अधिक साइबर अपराध मामलों की जांच पूरी हुई और 1,200 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। “हमने एक नया AI‑आधारित निगरानी प्रणाली लागू की है, जिससे हम फिशिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और डेटा उल्लंघन के मामलों को समय पर पहचान और रोकथाम कर पा रहे हैं,” उन्होंने कहा। इस प्रणाली के प्रयोग से 70% से अधिक मामलों का समाधान 48 घंटे के भीतर हो गया।
साक्ष्य संग्रह के नए तरीकों की जानकारी और
पुलिस ने साक्ष्य संग्रह के क्षेत्र में भी बदलाव लाया है। अब मोबाइल फोन, ड्रोन, और चेहरे की पहचान तकनीक के साथ डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। “हमारे फॉरेंसिक लैब में 3D प्रिंटिंग और बायोमेट्रिक विश्लेषण की सुविधा भी उपलब्ध है,” प्रमुख ने बताया। इन तकनीकों से अपराध स्थल पर मिले सूक्ष्म साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और न्यायालय में प्रस्तुत करने में आसानी हुई है।
सामुदायिक पुलिसिंग में सुधार के उपाय और सहयोग
अफसर ने सामुदायिक पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के लिए “सुरक्षा चौकियाँ” और “सड़क पर पुलिस गश्त” को बढ़ाने की योजना बताई। साथ ही, नागरिकों को आपातकालीन कॉल के लिए एक नया ‘सुरक्षा हेल्पलाइन’ शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा, “सामुदायिक पुलिसिंग में नागरिकों का सक्रिय सहयोग ही सफलता की कुंजी है।” इस पहल के तहत, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों के बीच साझेदारी को भी मजबूत किया जाएगा।
निष्कर्ष
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस प्रमुख ने यह स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अपराध के प्रति शून्य सहनशीलता बनाए रखना है। नई तकनीकों, सामुदायिक जुड़ाव और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस और समाज के बीच विश्वास को पुनः स्थापित किया जा रहा है। 6 नवम्बर 2026 को हुई यह बैठक पुलिस की प्रतिबद्धता और नागरिकों के साथ मिलकर सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प दर्शाती है।


