वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.2 फीसदी रही

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-देश की अर्थव्‍यवस्‍था 2024-2025 में 6.5 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान

नई दिल्ली, 28 फरवरी (हि.स.)। अर्थव्‍यवस्‍था के मोर्चे पर अच्‍छी खबर है। चालू वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्‍टूबर-दिसंबर) में सकल घरेलू उत्‍पाद जीडीपी वृद्धि दर 6.2 फीसदी रही है। इससे पिछली (जुलाई-सितंबर) दूसरी तिमाही में यह संशोधित 5.6 फीसदी थी, जबकि पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में जीडीपी वृद्धि दर 6.7 फीसदी रही थी। वित्त वर्ष 2024-2025 में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया कि चालू वित्‍त वर्ष 2024-25 की 31 दिसंबर को समाप्‍त तीसरी तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ 6.2 फीसदी रही है। पिछले वित्‍त वर्ष की समान तिमाही में यह 9.5 फीसदी थी। एनएसओ ने चालू वित्त वर्ष के लिए 6.5 फीसदी विकास दर का अनुमान लगाया है। इसके अलावा वित्‍त वर्ष 2023-24 की जीडीपी ग्रोथ को संशोधित कर 9.2 फीसदी कर दिया है, जो पहले 8.2 फीसदी थी।

चालू वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.7 फीसदी रही थी। हालांकि, दूसरी तिमाही में यह घटकर 5.4 फीसदी पर आ गई थी, जिसे संशाधित करके 5.6 फीसदी कर दिया गया है। एनएसओ ने चालू वित्त वर्ष 2024-2025 में देश की अर्थव्‍यवस्‍था 6.5 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान जताया है। इससे पहले एनएसओ ने जनवरी में चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर 6.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया था, जो 4 साल का निचला स्तर है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में जीडीपी वृद्धि दर 8.2 फीसदी रही थी, जिसे संशोधित कर 9.2 फीसदी कर दिया गया है।

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