नाबालिगों को तलाश नहीं करने पर चार एसपी तलब

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जयपुर, 24 मार्च (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने चार अलग-अलग मामलों में नाबालिगों की तलाश नहीं होने पर चार जिला पुलिस अधीक्षकों को तलब किया हैं। अदालत ने बारां और धौलपुर पुलिस अधीक्षक को 7 अप्रेल, झुंझुनूं एसपी को 8 अप्रेल और डीग एसपी को 9 अप्रेल को तलब किया है। अदालत ने सभी जिला एसपी से मामलों से जुडी प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। जस्टिस नरेन्द्र सिंह और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश लापताओं के परिजनों की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर अलग-अलग सुनवाई करते हुए दिए।

याचिका में बारां जिले के हरनावदाशाहजी और झुंझुनूं जिले के गुढ़ा गौडजी थाना क्षेत्र से गायब नाबालिग बालिकाओं को तलाशने के लिए पुलिस को निर्देश देने की गुहार की गई थी। वहीं धौलपुर जिले के बाड़ी थाना क्षेत्र से करीब डेढ़ साल पहले गायब हुए 11 साल के दिव्यांग आकाश की तलाश नहीं होने पर परिजनों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान सभी मामलों में पुलिस थानों ने अभी तक की तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट के साथ थानाधिकारी भी कोर्ट में मौजूद रहे, लेकिन कोर्ट पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा कि नाबालिगों को तलाशने में पुलिस की ढिलाई रही हैं। ऐसे में संबंधित पुलिस अधीक्षक कोर्ट में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दें।

मामले में बारां जिले के हरनावदाशाहजी थाने की तथ्यात्मक रिपोर्ट के अनुसार बालिका 24 दिसम्बर 2024 को अपने घर से गायब हुई थी। घटना के समय बालिका की उम्र 17 साल 6 महीने थी। बालिका के पिता ने छीपाबड़ौद के ढोलम थाने के नितेश नागर पर उसकी पुत्री को बहलाकर ले जाने का आरोप लगाया। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बालिका को कोटा, झालावाड़, जयपुर और अन्य जगह तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। घटना के बाद आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी देखी गई, लेकिन दोनों उसमें कहीं भी दिखाई नहीं दिए। आरोपी का फोन भी बंद है। दोनों के आधार कार्ड पर कोई सिम भी एक्टिवेट नहीं हुई।

दूसरे मामले में झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौडजी थाने की तथ्यात्मक रिपोर्ट के अनुसार थाना क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग बालिका 19 फरवरी 2025 से गायब हैं। घटना के समय बालिका की उम्र 16 साल 9 माह थी। परिजनों ने गोदारो का बास सिंग्नोर निवासी योगेश सिंह पर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि आरोपी देर रात घर के बाहर आया और बालिका को लेकर चला गया। हमने उनका पीछा भी किया, लेकिन वो फरार हो गया। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट नें कहा कि हमने आरोपी के परिजनों से भी पूछताछ की, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं होना बताया। दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर संदिग्धों से भी पूछताछ की। बालिका की तलाश के लिए गांधीधाम गुजरात, जयपुर और उदयपुर में भी कार्रवाई की गई, लेकिन बालिका को अभी तक तलाश नहीं किया जा सका।

धौलपुर जिले के पुलिस थाना बाड़ी से करीब डेढ़ साल पहले गायब हुए 11 साल के दिव्यांग बालक की तलाश पुलिस अभी नहीं कर पाई हैं। पुलिस की ओर से हाईकोर्ट में दायर तथ्यात्मक रिपोर्ट में पुलिस का कहना है कि 15 जून 2023 से लापता बालक की तलाश के लिए हमने 25 हजार के ईनाम की भी घोषणा की हैं। बालक की तलाश में पुलिस टीमें धौलपुर जिले, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भेजी गई। बालक की तलाश के लिए उसके पोस्टर रेलवे स्टेशन और बस स्टैण्ड पर चस्पा किए गए। होटल, ढाबों पर बालक की तलाश की गई। पिछले साल 31 दिसम्बर 2024 को बालक के पीवीसी कार्ड के लिए 50 रुपए का भुगतान हुआ। यह भुगतान किस बैंक, खाते अथवा ऑनलाइन ऐप के जरिए किया गया। उसकी जानकारी के लिए यूआईडीएआई रीजनल ऑफिस, दिल्ली को लिखा गया, लेकिन उन्होंने बिना हाईकोर्ट के आदेश के जानकारी देने से मना कर दिया।

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