कमीशनखोरी केस में कोर्ट ने आरोपित निकांत जैन काे सात अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा

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पत्नी के बैंक खाता सीज की करने की तैयारी

लखनऊ, 26 मार्च (हि.स.)। अपर जिला एवं सत्र, विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र सिंह ने आईएएस अधिकारी के लिए रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार करने के मामले में गिरफ्तार किए गए निकांत जैन को सात अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है।

इस मामले में 25 मार्च को कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इसके पहले विवेचक ने निकांत जैन की न्यायिक हिरासत को 14 दिन और उस पर भ्रष्टाचार की धारा बढ़ाए जाने की अर्जी दी थी। आरोपित के अधिवक्ता ने रिमांड पत्र को लेकर कहा था कि आरोपित लोकसेवक नहीं है, इसलिए उसके खिलाफ पीसी एक्ट की धारा 7 और 13 पीसी एक्ट के तहत अपराध नहीं बनता है। वहीं, अभी तक किसी लोकसेवक का नाम भी विवेचना में शामिल नहीं किया गया है। अधिवक्ता ने कई धाराओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रथम सूचना पर कई तथ्य का अभाव है, इसलिए आरोपी का रिमांड स्वीकार न किया जाए।

इधर, विवेचक ने अपनी दलील में कहा कि अभियुक्त को आराेप बताकर ही गिरफ्तार किया गया है। वादी ने अपने बयान में कहा है कि अभियुक्त ने उसे धमकाया है ​कि पैसा नहीं देगा तो जान से हाथ धोना पड़ेगा, इसलिए इस पर लगने वाली धारा के तहत रिमांड का आधार बनता है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपित के विरुद्ध धारा 308(5) भारतीय न्याय संहिता व धारा 12 पीसी एक्ट में सात अप्रैल तक रिमांड स्वीकार किया जाता है।

आरोपित के बाद पत्नी का खाता हाेगा सीज

कमीशन मामले में जांच कर रही पुलिस के हाथ कई साक्ष्य लगे हैं। गिरफ्तार किये गए आरोपित निकांत जैन निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह के अलावा भी कई बड़े अधिकारियों के संपर्क में था। निकांत ने अपने माेबाइल फोन से कई लोगों से बात की, फिर चैट को डिलीट कर दिया है। मोबाइल को कब्जे में लेकर चैट रिकवर के लिए लैब भेजा गया है। बैंक डिटेल से पता चला है कि उसने कई लोगों को रकम ट्रांसफर की थी। पुलिस ने आरोपित के खातों को सीज कर दिया है। अब उसकी पत्नी के खाते काे सीज करने की तैयारी की जा रही है।

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