विशाखापट्टनम में शुरू हुआ भारत-अमेरिका का जल-थल अभ्यास ‘टाइगर ट्राइंफ’

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नई दिल्ली, 0​3 अप्रैल (हि.स.)। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संयुक्त जल-थल अभ्यास ‘टाइगर ट्रायम्फ’ विशाखापट्टनम में शुरू हो गया है। उद्घाटन समारोह भारतीय नौसेना के युद्धपोत जलाश्व पर आयोजित किया गया। यह अभ्यास अमेरिका-भारत के सामरिक समुद्री हितों और दोनों देशों की रक्षा साझेदारी में बढ़ती निकटता को दर्शाने के लिए है। इस अभ्यास का उद्देश्य बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव गतिविधियों के दौरान आपसी सहभागिता की क्षमता को और बढ़ाना तथा सभी डोमेनों में संयुक्त परिचालन करना है।

अभ्यास का बंदरगाह चरण 07 अप्रैल तक विशाखापट्टनम में होगा, जिसमें विभिन्न व्यावसायिक विषयों पर प्रशिक्षण एवं विषय वस्तु विशेषज्ञ आदान-प्रदान (एसएमईई) कार्यक्रम जैसी प्रमुख सैन्य गतिविधियां, आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया प्रक्रियाऔर वायु, समुद्री, साइबर तथा अंतरिक्ष क्षेत्रों में युद्धाभ्यास शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों से दोनों देशों की सेनाओं को सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करने और सशक्त संबंध बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा सौहार्द बढ़ाने तथा व्यक्तिगत संबंध विकसित करने के लिए खेल कार्यक्रमों और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों के दौरे का भी समन्वय किया जाएगा। समुद्री चरण 08-12 अप्रैल तक चलेगा, जो काकीनाडा में जल स्थलीय लैंडिंग के बाद संयुक्त मानवीय राहत व चिकित्सा प्रतिक्रिया शिविर की स्थापना के साथ संपन्न होगा।

भारतीय नौसेना की ओर से भाग लेने वाली इकाइयों में लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक आईएनएस जलाश्व, इंटीग्रल लैंडिंग क्राफ्ट और हेलीकॉप्टर, दिल्ली श्रेणी के निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मुंबई, मगर श्रेणी के जल थल हमले वाले जहाज, दीपक श्रेणी के बेड़े के टैंकर आईएनएस शक्ति और पी-18आई लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान, एमएच-60आर हेलीकॉप्टर तथा हॉक विमान शामिल हैं। भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व एक इन्फैंट्री बटालियन समूह करेगा, जिसमें मैकेनाइज्ड फोर्सेस और तीनों सेनाओं के विशेष कार्रवाई बल भी शामिल होंगे।

इस अभ्यास में साइबर और अंतरिक्ष विशेषज्ञ भाग लेंगे। भारतीय वायु सेना सी-130, एमआई-17 वी5 की क्षमता का प्रदर्शन करेगी और हवाई पोर्टेबल भीष्म चिकित्सा उपकरण का प्रदर्शन भी होगा। अभ्यास में भाग लेने वाले अमेरिकी टास्क फोर्स में अमेरिकी नौसेना व्हिडबे आइलैंड-क्लास डॉक लैंडिंग शिप यूएसएस कॉमस्टॉक (एलएसडी 45) शामिल होगा, जिसमें 11वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट व 1 लाइट आर्मर्ड रिकोनैसेंस बटालियन के अमेरिकी मरीन शामिल होंगे। साथ ही आर्ले बर्क-क्लास गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक यूएसएस राल्फ जॉनसन तथा नौसेना का पी-8ए पोसाइडन विमान भी इसमें भाग लेगा। अमेरिकी सेना का प्रतिनिधित्व एक प्लाटून, मेडिकल प्लाटून, सिविल-सैन्य संचालन केंद्र और मल्टी-डोमेन टास्क फोर्स संयुक्त सूचना प्रभाव फ्यूजन सेल करेगा।

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