दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का निधन, फिल्म इंडस्ट्री सदमे में

0
290

दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। फिल्म निर्देशक और अभिनेता मनोज कुमार अपनी देशभक्ति फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 87 वर्ष की आयु में मुंबई के धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्होंने उपकार और क्रांति समेत कई फिल्मों में काम किया। उन्होंने निर्देशन भी किया। इसी कारण उन्हें भारत कुमार भी कहा जाता था। उनकी फिल्मों के गाने आज भी लोगों को याद हैं। मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती…. गीत के बिना 15 अगस्त और 26 जनवरी के दो राष्ट्रीय त्योहार नहीं मनाए जाते। मनोज कुमार के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री सदमे में आ गई है।

मनोज कुमार ने पिछले कई सालों से फिल्मों में काम करना बंद कर दिया था। उन्होंने ‘सहारा’, ‘हनीमून’, ‘ईस्ट एंड वेस्ट’, ‘लिसन टू माई वॉइस’, ‘नसीब’, ‘नीलकमल’, ‘पत्थर के सनम’ जैसी कई फिल्मों में काम किया था। मनोज कुमार को राष्ट्रीय पुरस्कार, पद्म श्री पुरस्कार और दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। उनकी मौत की खबर से फिल्म इंडस्ट्री हिल गई है। उनकी कई फिल्मों में देशभक्ति के महत्व पर जोर दिया गया। इसीलिए लोग उन्हें भारत कुमार कहने लगे। उन्हें यह नाम बहुत पसंद आया और उन्होंने जीवन भर इसे अपनाया। फिल्म रोटी कपड़ा और मकान में भी उनका रोल काफी पॉपुलर रहा था। साथ ही उन पर फिल्माए गए कई गाने आज भी लोगों को याद हैं। उन्होंने दिलीप कुमार के साथ फिल्म क्रांति में काम किया। फिल्म में हेमा मालिनी, शत्रुघ्न सिन्हा, शशि कपूर, परवीन बाबी, सारिका और प्रेम चोपड़ा सहित मजबूत स्टार कास्ट थी। यह फिल्म अपने गानों के कारण भी सुपरहिट रही। इस फिल्म का निर्देशन मनोज कुमार ने किया था। इसलिए उन्होंने इसमें मुख्य भूमिका भी निभाई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रद्धांजलि दी

अभिनेता मनोज कुमार के निधन की खबर दुखद है। अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार हिंदी सिनेमा में एक आदर्श थे। वह अपनी देशभक्ति फिल्मों के लिए जाने जाते थे। उनके दिल में भी देशभक्ति थी। हम सदैव उनसे प्रेरित होते रहेंगे। मनोज कुमार के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। यह सामग्री प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पोस्ट की गई है।

लगभग चार दशकों का लम्बा करियर

मनोज कुमार ने 1957 में फिल्म फैशन से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। वहां से उन्होंने अगले 38 वर्षों तक यानि लगभग चार दशकों तक काम किया। उनकी आखिरी फिल्म मैदान ऐ जंग थी जो 1995 में आई थी। उसके बाद उन्होंने फिल्मों में काम नहीं किया। उन्होंने शोर, क्रांति, क्लर्क, रोटी कपड़ा और मकान, जय हिंद, उपकार फिल्मों में निर्देशक और संपादक की भूमिका भी निभाई। फिल्म शोर का गाना “इक प्यार का नगमा है” आज भी दर्शकों को याद है। अपने अभिनय और फिल्मों के जरिए देश में देशभक्ति की अलख जगाने वाले इस कलाकार का अब निधन हो गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here