नियम तोड़ा है, जुर्माना भरो, नहीं तो कुछ घंटे ड्यूटी करो..जबलपुर पुलिस की अनूठी पहल

0
393

जबलपुर, 10 अप्रैल (हि.स.)। शहर के व्यस्ततम चौराहों पर लोग हरे रंग की पुलिस मित्र की जैकेट पहने ड्यूटी कर रहे ऑटो चालकों को देखकर लोग आश्चर्य में पड़ गए वहीं पास में जबलपुर यातायात पुलिस का अमला भी मौजूद था, दरअसल मामला यह है कि जबलपुर के यातायात व्यवस्था से जुड़ी हुई बातों का शहर के बेतरतीब यातायात को सुधारने के लिए जबलपुर यातायात पुलिस ने आज से यह अभियान चलाया है।

पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के निर्देश पर यातायात पुलिस के डीएसपी संतोष शुक्ला द्वारा शहर के व्यस्ततम चौराहे तीन पत्ती महाराणा प्रताप चौक पर यातायात नियम तोड़ रहे ऑटो चालकों को रोका गया कई बार जब समझाइश देने के बाद भी नियम तोड़ने की प्रक्रिया जारी रही तो उन्होंने ऑटो चालकों को रोककर जुर्माना भरने कहा परंतु उन्होंने जुर्माना भरने से मना कर दिया जिस पर उनसे कहा गया की यातायात सुधारने के लिए 2 घंटे पुलिस के साथ ड्यूटी करें आपके पास दो विकल्प है या तो आप जुर्माना भरे या ड्यूटी करें इसके चलते कई ऑटो चालकों को पुलिस मित्र की जैकेट पहनकर चौराहे पर ड्यूटी करवाई गई इसी दौरान जैकेट पहने एक ऑटो वाले से जब इस बाबत पूछा गया तो उसका कहना था कि मैंने नियम तोड़ा है इसलिए मैं यह पुलिस की ड्यूटी कर रहा हूं मेरे पास दो ऑप्शन है या तो जुर्माना भरूं या मैं ड्यूटी करूं तो मैं ड्यूटी करना उचित समझा परन्तु मुझको थोड़े ही देर में समझ में आ गया की लोगों को नियम तोड़ने से रोकना और समझाना कितना कठिन है.. बाबूजी पुलिस की ड्यूटी बहुत मुश्किल है

पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के अनुसार इस पहल से नियम तोड़ने वालों को अपने कर्तव्यों का एहसास होगा दूसरा उनके द्वारा फैलाई गई अराजकता जो उनके लिए सहज परंतु पुलिस के लिए कितनी कठिन होती है यह महसूस होगा और प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह यातायात नियमों का पालन करें पुलिस द्वारा की गई यह पहल किसी के लिए दंड स्वरूप नहीं है परंतु लोगों को उनके कर्तव्य का एहसास हो इसकी एक सार्थक पहल है जो आज डीएसपी संतोष शुक्ला के माध्यम से की गई है बहरहाल जो भी हो परंतु जन जागृति के लिए ऐसे अभियान समय-समय पर होते रहना चाहिए इससे लोगों में यातायात के प्रति सजगता के साथ ही शहर की अराजक यातायात व्यवस्था में कुछ हद तक नियंत्रण होगा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here