तकनीक और परंपरा को साथ लेकर चलना जरूरीः डा. जयशंकर

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नई दिल्ली, 2 मई (हि.स.)। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर कहा कि दुनिया भविष्य की ओर बढ़ रही है और इसके साथ आने वाले परिणामों को समझना आवश्यक है। हर तकनीकी प्रगति अपनी चुनौतियाँ लेकर आती है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी इससे अलग नहीं है। उन्होंने मुंबई में आयोजित वर्ल्ड ऑडियो विज़ुअल एंड एंटरटेनमेंट शिखर सम्मेलन(वेव्स) के वैश्विक मीडिया संवाद सत्र में तकनीकी नवाचारों और उनके सामाजिक प्रभावों को लेकर अपना दृष्टिकोण रखा।

विदेश मंत्री ने उभरती तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्वाग्रह को कम करना, कंटेंट को लोकतांत्रिक बनाना और तकनीकी नैतिकता को प्राथमिकता देना आज के समय की अहम जरूरतें हैं। तकनीक और परंपरा को साथ लेकर चलना जरूरी है। तकनीक खासकर युवा पीढ़ी में हमारी विशाल विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ा सकती है। नवाचार, विकसित भारत के निर्माण में बड़ी छलांग का आधार है। वैश्विक कार्यस्थल और कार्यबल के लिए सोच, नीति और व्यवहार में बदलाव आवश्यक है। युवा प्रतिभाओं को रचनात्मक संचार, खेल और सहयोग के युग के लिए तैयार करना जरूरी है, जिसमें कौशल का प्रसार अहम होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि वेव्स मंच वैश्विक मीडिया, मनोरंजन और रचनात्मक क्षेत्रों के प्रमुख मुद्दों पर सार्थक संवाद के लिए एक प्रभावशाली मंच साबित होगा।

डा. जयशंकर ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए संवाद के इस दौर को उपयोगी और रचनात्मक बनाने की उम्मीद जताई। उन्होंने प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह मंच आने वाले वर्षों में तकनीकी दिशा और दृष्टिकोण को नया मार्ग देगा।

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