एसजीपीसी ने सीमावर्ती गांवों के 50 गुरुद्वारों से गुरु ग्रंथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए

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चंडीगढ़, 10 मई (हि.स.)। भारत-पाक तनाव के चलते शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में स्थापित गुरुद्वारा साहिबानों से गुरू ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को सुरिक्षत अमृतसर पहुंचा दिया है। एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने शुक्रवार को बैठक के दौरान यह निर्देश जारी किए थे। इसके बाद एसजीपीसी के अधिकारी तथा दरबार साहिब के धार्मिक कर्मचारियों ने पंजाब के सीमावर्ती जिलों का दौरा किया और वहां से गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को अमृतसर स्थित गुरुद्वारा साहिबानों में पहुंचाया गया।

एसजीपीसी प्रवक्ता के अनुसार सेना द्वारा सीमावर्ती गांवों को खाली करवाया जा रहा है। जिसके चलते स्थापित गुरुद्वारा साहिबानों से गुरुग्रंथ साहिब के स्वरूपों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। शुक्रवार को अमृतसर व तरनतारन जिलों से गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों को अमृतसर पहुंचाया गया। एसजीपीसी द्वारा शनिवार सुबह तक नौशहरा ढाला, हवेलियां, राजोके, भूरा कोहना समेत अन्य कई सीमावर्ती गांवों में स्थित गुरुद्वारा साहिबानों ने करीब 50 स्वरूपों को मर्यादा के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। एसजीपीसी द्वारा यह सेवा गाडिय़ों के माध्यम से की जा रही है।

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