सीपीएम नेता नेपालदेव भट्टाचार्य का निधन

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कोलकाता, 13 मई (हि.स.) । वाम राजनीति के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के पूर्व सांसद नेपालदेव भट्टाचार्य का सोमवार देर रात निधन हो गया। उनकी उम्र 74 वर्ष थी। कोलकाता के ईएम बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से उत्तर 24 परगना जिला सहित वामपंथी खेमे में गहरा शोक व्याप्त है।

नपालदेव भट्टाचार्य छात्र जीवन से ही वामपंथी राजनीति से जुड़े थे। वह तीन बार छात्र संगठन एसएफआई के अखिल भारतीय महासचिव रहे। उनके सहयोगी रहे थे पार्टी के पूर्व महासचिव सीताराम येचुरी और वर्तमान महासचिव एम ए बेबी। वर्ष 1981 में वे राज्यसभा के सदस्य चुने गए और उस समय के सबसे युवा सांसदों में उनकी गिनती हुई।

1990 के दशक में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें सीपीएम से निष्कासित किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें सम्मानपूर्वक पार्टी में वापस लिया गया और विभिन्न जिम्मेदारियां दी गईं। वर्ष 2015 में उन्हें उत्तर 24 परगना जिला सचिव की जिम्मेदारी दी गई। 2016 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजारहाट-गोपलपुर से पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने दमदम से तृणमूल कांग्रेस के सीनियर नेता सौगत रॉय के खिलाफ चुनाव लड़ा था, परंतु जीत नहीं सके।

हाल के वर्षों में स्वास्थ्य कारणों से वह सक्रिय राजनीति से धीरे-धीरे दूर हो रहे थे। अंततः सोमवार, 12 मई की रात उन्होंने अंतिम सांस ली।

नेपालदेव भट्टाचार्य का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह 10 बजे अस्पताल से सीटू के राज्य कार्यालय ‘श्रमिक भवन’ ले जाया गया, जहां मजदूर संगठनों के नेता उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शव एसएफआई राज्य कार्यालय ‘दीनेश मजूमदार भवन’ और फिर बेलगाछिया स्थित उनके आवास ‘बेलगाछिया विला’ लाया जाएगा।

वहां से शव को लेकटाउन के ‘बईमेला कार्यालय’ होते हुए दोपहर 12 बजे सीपीएम उत्तर 24 परगना जिला कार्यालय, बारासात पहुंचाया गया, जहां पार्टी कार्यकर्ता अंतिम श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद दोपहर एक बजे शव को सीटू उत्तर 24 परगना जिला कार्यालय, बैरकपुर और फिर उनके पैतृक निवास व राजनीतिक जीवन की शुरुआत भाटपाड़ा ले जाया जाएगा। भाटपाड़ा श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

नेपालदेव भट्टाचार्य के निधन से छात्र संगठनों से लेकर जिला राजनीतिक हलकों तक शोक की गहरी छाया है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

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