आपदा से बचाएगा सचेत और दामिनी एप, सिर्फ एक क्लिक पर बनेंगे ‘वेदर वारियर’

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वज्रपात और आंधी-तूफान से बचाव को लेकर प्रशासन की एडवाइजरी जारी

मीरजापुर, 29 मई (हि.स.)। जब आसमान गरजता है और हवाएं बेकाबू हो जाती हैं, तब खतरे का संकेत मिलता है। लेकिन डरिए नहीं जागरूकता और तैयारी से आप अपने परिवार और खुद को बचा सकते हैं।

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के नेतृत्व में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक सशक्त संदेश जारी किया है कि अब नहीं होगी जान की हानि, अगर आप रहें तैयार और सतर्क। उन्हाेंने बताया कि पक्के मकान में शरण लें। ये आपकी सबसे सुरक्षित ढाल है। खिड़कियों, दरवाजों से दूर रहें। पेड़-पौधे, बिजली के खंभे, जलाशय से दूरी रखें। बच्चों को बाहर जाने से राेकें और लोहे की चीजों को न छुएं। खुले में फंसे हों तो उकड़ू बैठें, कान ढकें और सतर्क रहें। ‘दामिनी’ और ‘सचेत’ एप को माेबाइल पर डाउनलोड करें।

डीएम ने बताया कि पेड़ के नीचे खड़े न हों। यह सुरक्षा नहीं, संकट है। दीवार का सहारा न लें। यह भ्रम है, बचाव नहीं। धातु से बनी चीजों को न छुएं। बिजली इन्हें सबसे पहले पकड़ती है। धातु वाले छाते से दूर रहें। यह छाता नहीं, बिजली काे बुलाता है। भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को तुरंत अनप्लग करें। खुले वाहनों या जल में न रहें। यह जान जोखिम में डालने जैसा है।

उन्हाेंने बताया कि जब तूफान आए ताे ढीली चीजों को कसकर बांधें। हवा इन्हें हथियार बना सकती है। टिन की छत, पेड़, खंभों से दूर रहें। ये हादसे का कारण बन सकते हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षित स्थान देखकर रुक जाएं। तूफान आने पर नुकीली चीजें खुले में न छोड़ें। धातु से बनी चीजों से बचें और पेड़ के नीचे भूलकर भी न जाएं।

डीएम ने बताया कि सिर्फ एक क्लिक और एक सावधानी से जिदंगी बच सकती है। इसकाे देखते हुए आज ही ‘सचेत’ और ‘दामिनी’ एप डाउनलोड करें और अपने परिवार के ‘वेदर वारियर’ बनें । आपदा को हराएं, जागरूक बनें, सुरक्षित रहें। यह संदेश जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मीरजापुर की ओर से जनहित में जारी किया गया है।

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