बांकुड़ा-झाड़ग्राम स्टेट हाईवे: मरम्मत कार्य पूरा होने से पहले ही सड़क टूटी, गुणवत्ता पर उठे सवाल

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📍 बांकुड़ा, 10 जून (हि.स.)

बांकुड़ा-झाड़ग्राम स्टेट हाईवे की मरम्मत पर लगभग ₹140 करोड़ खर्च होने के बावजूद सड़क मरम्मत कार्य पूरा होने से पहले ही जर्जर होने लगी है। सारेंगा और रायपुर ब्लॉक के इलाकों में सड़क की पिचिंग उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय लोगों ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल और घोर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।


🔍 मुख्य बिंदु:

  • मरम्मत कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ और सड़क कई जगहों से टूट चुकी है।
  • बांकुड़ा और बिष्णुपुर डिवीजन के अधीन दो चरणों में मरम्मत कार्य जारी है।
    • बांकुड़ा डिवीजन: ₹66 करोड़ (धालडांगा से शिलावती नदी घाट – 35 किमी)
    • बिष्णुपुर डिवीजन: ₹70 करोड़ (सिमलापाल से बेनागरी – 32 किमी)

⚠️ स्थानीयों के आरोप:

  • सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग।
  • शिकायत के बावजूद ठेकेदारों ने ध्यान नहीं दिया
  • कई पुलियों के निर्माण के कारण सड़क पर पुनः भारी मशीनरी चलाई गई, जिससे पिचिंग उखड़ गई।

🏗️ तकनीकी और प्रशासनिक प्रतिक्रिया:

  • कार्यपालक अभियंता संजय सहाना (बिष्णुपुर डिवीजन):
    “सड़क की मरम्मत अभी हमें सौंपी नहीं गई है। तीन जगहों पर सड़क टूटने की शिकायत आई है, कार्रवाई की जा रही है।
  • बांकुड़ा डिवीजन के अधिकारी का बयान:
    ठेकेदार को रियायत दिए बिना ठेका देने पर भी सवाल हैं। निर्माण की गुणवत्ता की जांच की जा रही है।”
  • ठेकेदार कंपनियों का दावा:
    “काम पूरी तरह नियमों के तहत और गुणवत्ता मानकों के अनुसार किया गया है। घटिया सामग्री के आरोप बेबुनियाद हैं।”

🛣️ स्थिति का विश्लेषण:

  • मरम्मत के दौरान अधूरी सड़कों पर भारी यातायात और नियोजन की कमी ने हालात बिगाड़े।
  • जनता का विश्वास निर्माण एजेंसियों और विभागों से डगमगाया है।
  • लोक निर्माण विभाग द्वारा आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।

📢 निवासियों की मांग:

  • सड़क की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच करवाई जाए।
  • दोषी ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
  • भविष्य में सड़क निर्माण में पारदर्शिता और जन निगरानी सुनिश्चित की जाए।

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