बीएचयू में 200 से अधिक दृष्टिबाधित विद्यार्थी, पुस्तकें ऑडियो और ब्रेल फार्मेट में उपलब्ध

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बीएचयू में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की पढ़ाई में मदद

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में 200 से अधिक दृष्टिबाधित विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यार्थियों के लिए सयाजी राव गायकवाड़ केन्द्रीय ग्रंथालय ने विशेष डिजिटल लाइब्रेरी सेवाएँ शुरू की हैं।

ऑडियो और ब्रेल पुस्तकें

ग्रंथालय में किबो स्कैनर की मदद से पुस्तकों को ऑडियो फार्मेट में तैयार किया जाता है। अब तक 600 से अधिक पुस्तकों को ऑडियो फार्मेट में बदलकर विद्यार्थियों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अलावा ब्रेल लिपि में पुस्तकों की प्रिंटिंग भी की जाती है।

कुलपति का निरीक्षण

कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने शनिवार को केन्द्रीय ग्रंथालय का जायज़ा लिया। उन्होंने ग्रंथालय के प्रयासों और विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं के उन्नयन की सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि तकनीक के व्यापक उपयोग से ग्रंथालय को और आधुनिक और विद्यार्थी अनुकूल बनाया जाए।

दुर्लभ पाण्डुलिपियों का संरक्षण

कुलपति ने पाण्डुलिपि अनुभाग का अवलोकन किया और कहा कि विश्वविद्यालय में उपलब्ध दुर्लभ साहित्य और शैक्षिक विरासत के बारे में दुनिया को जानकारी मिलनी चाहिए। इसके लिए इन दुर्लभ कृतियों का कैटलॉग बीएचयू की वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की शुरुआत की जा सकती है।

आधुनिक सुविधाएँ

केन्द्रीय ग्रंथालय में नवीनतम आरएफआईडी सुविधा शुरू कर दी गई है, जिससे विद्यार्थी पुस्तकें आसानी से निर्गत और जमा कर सकते हैं। हर रोज़ सैकड़ों विद्यार्थी इस सुविधा का लाभ उठाते हैं।

निष्कर्ष

बीएचयू के ग्रंथालय द्वारा दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई सेवाएँ उनकी शिक्षा और शोध में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समावेशिता और आधुनिक तकनीक के उपयोग का उदाहरण है।

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