जीवंत राष्ट्र के लिए जागृत समाज क्यों ज़रूरी है? पढ़ें राम प्रसाद का संदेश

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जीवंत राष्ट्र के लिए जागृत समाज का होना आवश्यक – राम प्रसाद

राजसमंद में आयोजित “सुन्दर स्मृति व्याख्यानमाला” ने समाज को नया संदेश दिया। कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा को समर्पित था।

🙏 प्रेरणा का स्रोत

इस आयोजन की याद स्व. सुन्दर लाल पालीवाल को समर्पित रही। उन्होंने स्त्री सम्मान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए बलिदान दिया। उनका जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित था।

🗣️ मुख्य संदेश

मुख्य वक्ता राम प्रसाद ने कहा कि जागृत समाज ही जीवंत राष्ट्र का निर्माण करता है। अन्याय और असत्य पर प्रतिक्रिया देना ही समाज की शक्ति है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब समाज मौन रहता है, तो संकट बढ़ते जाते हैं।

✨ संघ का योगदान

राम प्रसाद ने पाँच सूत्र बताए—सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य और स्वदेशी अपनाना। इनसे ही सशक्त और अखंड भारत संभव है।

🌟 प्रेरक प्रसंग

सुन्दर लाल पालीवाल के परिवार और साथियों ने उनके जीवन के कई प्रसंग साझा किए। सभी ने माना कि वे त्याग, शौर्य और निष्ठा की प्रतिमूर्ति थे।

🔔 सार

यह व्याख्यानमाला इस संदेश के साथ समाप्त हुई कि जागृत समाज ही राष्ट्र को मजबूत बनाता है। त्याग, निष्ठा और सतत समर्पण ही राष्ट्रनिर्माण का मार्ग है।

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