यूपी डीजीपी ने चार एसपी और दो पुलिस आयुक्तों से मांगा स्पष्टीकरण

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यूपी डीजीपी ने छह जिलों के पुलिस अधिकारियों से मांगा जवाब

लखनऊ, 13 सितंबर। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और जनशिकायतों की समीक्षा की। जून से अगस्त के आंकड़ों में 20 जिलों में शिकायतों में वृद्धि दर्ज की गई।

समीक्षा में पाया गया कि 75 में से 56 जिलों में शिकायतें घटीं, लेकिन 20 जिलों में बढ़ोतरी हुई। इनमें सबसे अधिक वृद्धि वाले छह जिलों—देवरिया, संभल, कौशांबी, बदायूं, गाजियाबाद और वाराणसी पर डीजीपी ने नाराज़गी जताई और चार पुलिस अधीक्षक व दो पुलिस आयुक्तों से स्पष्टीकरण मांगा

डीजीपी ने कहा कि जनशिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन पुलिसकर्मियों पर अधिक शिकायतें हैं, उनके खिलाफ उच्च स्तरीय जांच हो और सही पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

साइबर अपराध मामलों पर उन्होंने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी में अक्सर पीड़ित की ओर से गलत जानकारी के कारण धनराशि फ्रीज़ नहीं हो पाती। ऐसे में साइबर हेल्प डेस्क को तुरंत त्रुटि सुधारकर रकम सुरक्षित करनी होगी।

महिला सुरक्षा को लेकर डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यह मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि छेड़खानी, घरेलू हिंसा और अन्य प्रकरणों को थाने स्तर पर गंभीरता से लेकर त्वरित एफआईआर दर्ज की जाए।

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने त्योहारों को देखते हुए शांति समिति की बैठकों, महिला सुरक्षा, और अफवाहों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही महिला अपराध के हॉटस्पॉट पर सीसीटीवी लगाने की बात कही।

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