रामलीला में राम-केवट संवाद ने भक्तों को किया भाव विभोर

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रामलीला का मनोहारी मंचन

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के फफूंद नगर में रामलीला मैदान में सोमवार की रात को राम-केवट संवाद का सुंदर मंचन हुआ। कलाकारों की प्रस्तुति देख दर्शक भाव विभोर हो उठे। जयश्रीराम के जयघोष से पंडाल का माहौल भक्तिमय हो गया।

शुभारंभ और मुख्य अतिथि

मुख्यथिति दिबियापुर नगर पंचायत अध्यक्ष राघव मिश्रा ने फीता काटकर रामलीला का शुभारंभ किया। उन्होंने भगवान राम दरबार की आरती उतारी और समिति द्वारा उन्हें रामदरबार स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। मुख्य अतिथि ने सभी को भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।

राम-केवट संवाद का दृश्य

मंचन में कलाकारों ने दिखाया कि भगवान राम सरयू नदी किनारे खड़े होकर केवट से नदी पार कराने का अनुरोध करते हैं। केवट शुरुआत में भयभीत और संकोचित रहता है। वह कहता है कि मेरी नाव काठ की है, यह छूमंतर हो जाएगी और मैं अपने परिवार का पालन कैसे करूंगा।

राम के आग्रह पर केवट पहले राम के चरण धोकर उन्हें नदी पार करता है। इसके बाद प्रभु राम, सीता की अंगूठी केवट को देने का प्रयास करते हैं। केवट विनम्रता से कहता है कि एक मजदूर दूसरे मजदूर को मजदूरी नहीं देता। राम उसकी भावनाओं का सम्मान करते हैं।

समिति का आभार

रामलीला समिति के अध्यक्ष बबलू अग्निहोत्री और ओमबाबू तिवारी ने सभी भक्तों और अतिथियों का धन्यवाद किया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक उत्सव को जीवंत किया, बल्कि राम-केवट संवाद के माध्यम से श्रद्धा और नैतिकता की भावना भी दर्शकों में जाग्रत की।

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