सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला ने 60 किसानों की मिट्टी जांची, स्वास्थ्य रिपोर्ट के साथ दी उपयोगी सलाह

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फतेहपुर में सचल मृदा परीक्षण टीम ने ली मिट्टी, किसानों को दी विस्तृत रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में गुरुवार को नाबार्ड और कृषि विभाग की पहल पर उत्कर्ष फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (FPO) की सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला टीम ने किसानों की मिट्टी का परीक्षण कर उनकी मिट्टी की सेहत के बारे में जानकारी दी।

मवैईया गांव में 60 किसानों की मिट्टी का परीक्षण

सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला टीम मलवां विकासखंड के मवैईया गांव पहुंची।
टीम में शामिल थे—

  • लैब टेक्नीशियन पवन कुमार शर्मा
  • लैब असिस्टेंट श्रीकृष्ण द्विवेदी
  • संतोष कुमार त्रिपाठी

तीनों ने मिलकर 60 किसानों की मिट्टी के नमूने लेकर परीक्षण किया। रिपोर्ट में पाया गया कि कई किसानों के खेतों में जीवांश कार्बन का स्तर बेहद कम हो चुका है, जो मृदा स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

मिट्टी अस्वस्थ, जैविक खेती ही समाधान

उत्कर्ष FPO के सीईओ हरिकृष्ण अवस्थी ने बताया कि अत्यधिक मात्रा में यूरिया और डीएपी का उपयोग मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को कम कर रहा है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि—

  • यूरिया का प्रयोग कम करें
  • नेनो यूरिया का उपयोग बढ़ाएं
  • जैविक खेती की ओर रुख करें
  • जैविक खाद और गोबर खाद का उपयोग बढ़ाएं

उन्होंने कहा कि जैविक पद्धतियों से ही मिट्टी फिर से स्वस्थ और उपजाऊ बन सकती है।

किसानों की बड़ी भागीदारी

इस अवसर पर इफको के क्षेत्राधिकारी साजिद अंसारी, एके सिंह, अरविंद कुमार सहित मवैईया, कोरसम, जलाला, शाहजहांपुर, बरेठर, अलीपुर और पहुर गांवों के किसान उपस्थित रहे।

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