आधुनिक पोल्ट्री उद्यमिता से युवा बन रहे आत्मनिर्भर, गांव में सृजित हो रहा रोजगार

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धमतरी, 15 दिसंबर (हि.स.)।
धमतरी जिले के ग्राम सेमरा (बी), भखारा के युवा उद्यमी अभिषेक गजेन्द्र ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और सरकारी सहयोग के माध्यम से ग्रामीण अंचल में भी आधुनिक और लाभकारी उद्यम स्थापित किया जा सकता है। साधारण कृषक परिवार से निकलकर अभिषेक ने कृषि में एमएससी (एग्रोनामी) की पढ़ाई पूरी की और नौकरी के बजाय आधुनिक पोल्ट्री उद्यमिता को अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई उड़ान भरी।

एग्रोनामी से पोल्ट्री उद्यमिता तक का सफर

वर्ष 2023–24 में अभिषेक ने ब्रायलर कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की शुरुआत की। आईबी ग्रुप के तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और वैज्ञानिक वैक्सीनेशन प्रोटोकॉल के तहत उन्होंने अत्याधुनिक पोल्ट्री शेड की स्थापना की। 13 हजार चूजों की क्षमता वाला यह फार्म वर्तमान में उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ संचालित हो रहा है।

सरकारी योजना बनी संबल

अभिषेक को पशुधन विकास विभाग की बैकयार्ड कुक्कुट पालन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 25 प्रतिशत शासकीय अनुदान की प्रथम किस्त प्राप्त हुई। इस सहयोग से उनके आत्मविश्वास को मजबूती मिली और व्यवसाय विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ। लगभग 50 लाख रुपये के निवेश से शुरू किया गया यह उद्यम आज आर्थिक स्थिरता की मिसाल बन चुका है।

आय और लाभ का मजबूत मॉडल

बैंक से 20 लाख रुपये का ऋण लेकर अभिषेक ने साहसिक निर्णय लिया। प्रति वर्ष छह उत्पादन चक्रों के माध्यम से उन्हें लगभग 20 लाख रुपये की वार्षिक आय और करीब 18 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग मॉडल ने जोखिम को कम कर आय को सुरक्षित बनाया है।

वैज्ञानिक प्रबंधन बना सफलता की कुंजी

अभिषेक की सफलता का मूल मंत्र है बेहतर प्रबंधन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण। स्वच्छता, तापमान नियंत्रण, लाइटिंग और दाना प्रबंधन पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने ईसी फार्मिंग तकनीक अपनाई, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। पशुधन विकास विभाग के निरंतर मार्गदर्शन से उनका फार्म और अधिक सशक्त बन रहा है।

प्रशासनिक सराहना और युवाओं के लिए प्रेरणा

अभिषेक के उत्कृष्ट कार्य से प्रभावित होकर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने भी उनके पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण किया। आज अभिषेक न केवल अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर गांव के कई युवा पोल्ट्री उद्यमिता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

भविष्य की योजनाएं

अभिषेक गजेन्द्र का लक्ष्य भविष्य में दूसरा आधुनिक पोल्ट्री शेड स्थापित करने, उत्पादन क्षमता दोगुनी करने तथा हैचरी और प्रोसेसिंग यूनिट की दिशा में कार्य करने का है। उनकी यह यात्रा ग्रामीण युवाओं के लिए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बन रही है।

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