राष्ट्र निर्माण के लिए संस्कृति और संस्कार अनिवार्य: निवेदिता भिड़े का प्रेरक संदेश

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🌺 पीताम्बरा आश्रम में विशेष समारोह

बांसवाड़ा के पीताम्बरा आश्रम में एक विशेष आयोजन हुआ।
इस कार्यक्रम में संस्कृति और राष्ट्र निर्माण पर विचार रखे गए।

👤 निवेदिता भिड़े का स्वागत

मुख्य अतिथि निवेदिता रघुनाथ भिड़े रहीं।
वह विवेकानंद केंद्र की अखिल भारतीय उपाध्यक्ष हैं।

🇮🇳 राष्ट्र निर्माण में संस्कृति की भूमिका

निवेदिता दीदी ने कहा कि संस्कृति और संस्कार सर्वोपरि हैं।
इन्हीं से सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है।

👥 युवाओं को जोड़ने की आवश्यकता

उन्होंने युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने पर बल दिया।
पाश्चात्य प्रभाव से संतुलन बनाना आज जरूरी है।

🕉️ सनातन परंपरा की विशेषता

दीदी ने सनातन धर्म की व्यापकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि यह धर्म ‘विश्व मंगल’ की भावना सिखाता है।

📿 कर्मकांड के पीछे का ज्ञान

उन्होंने कहा कि कर्मकांड के साथ तत्वज्ञान समझाना जरूरी है।
इससे युवा पीढ़ी में सही दृष्टिकोण विकसित होगा।

🧘‍♂️ विवेकानंद और रामकृष्ण का संदेश

निवेदिता दीदी ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख किया।
उन्होंने ईश्वर की एकता और विविध रूपों की बात रखी।

🤝 सेवा और संगठन पर जोर

उन्होंने बताया कि विवेकानंद केंद्र समाज को संगठित कर रहा है।
जनजातीय क्षेत्रों में सेवा प्रकल्प निरंतर चल रहे हैं।

🗣️ अन्य वक्ताओं के विचार

कार्यक्रम में संत रामप्रकाश रामस्नेही महाराज उपस्थित रहे।
गायत्री मंडल के पदाधिकारियों ने गतिविधियों की जानकारी दी।

🌱 अनुकरणीय आचरण का आह्वान

निवेदिता दीदी ने नित्य नियम अपनाने की अपील की।
उन्होंने संस्कारवान जीवन को राष्ट्र सेवा का आधार बताया।

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