सेक्टर सड़कों पर करोड़ों खर्च, फिर भी राहत नहीं? अधूरी प्लानिंग पर उठे सवाल

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🚧 सेक्टर सड़कों का निर्माण बना चुनौती

जयपुर शहर में यातायात व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।
इसी समस्या से राहत के लिए सेक्टर सड़कों का निर्माण शुरू किया गया।

🏗️ 853 करोड़ की बड़ी योजना

मास्टर प्लान के तहत सेक्टर सड़कों पर करीब 853 करोड़ खर्च प्रस्तावित है।
इस योजना को जयपुर विकास प्राधिकरण ने आगे बढ़ाया।

⚠️ अधूरी प्लानिंग से अटका काम

कई जोनों में काम शुरू होकर बीच में ही रुक गया।
निर्माण में आ रहे स्ट्रक्चरल अवरोध अब तक नहीं हटे।

📍 कई जोनों में एक जैसी स्थिति

जोन 8, 9, 10, 11, 12, 13 और 14 में काम प्रभावित है।
फागी रोड, गोनेर रोड और टोंक रोड से जुड़ी सड़कों पर काम रुका है।

🌑 रोड लाइट बंद, हादसों का खतरा

निर्माण के दौरान रोड लाइट्स हटाई गईं।
खुदाई के बाद लाइट्स दोबारा शुरू नहीं हो सकीं।

🚨 रात में बढ़ रहा खतरा

अंधेरे के कारण हादसों और अपराध का डर बढ़ गया है।
खातीपुरा, गोनेर रोड और न्यू सांगानेर रोड पर हालात गंभीर हैं।

🗣️ इंजीनियर का पक्ष

डायरेक्टर इंजीनियर अजय गर्ग ने बताया कि काम जारी है।
जोन डीसी को अवरोध हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

🛣️ जोन-9 में सबसे ज्यादा सेक्टर रोड

जयपुर में कुल 121 सेक्टर सड़कें अधूरी हैं।
सबसे ज्यादा 28 सेक्टर सड़कें जोन-9 में प्रस्तावित हैं।

📊 जोनवार स्थिति

जोन-12 में 24 और जोन-14 में 16 सेक्टर सड़कें बननी हैं।
इन सभी सड़कों का निर्माण एआरसी मॉडल पर होगा।

❓ उठता बड़ा सवाल

सेक्टर सड़कों का निर्माण जनता की सुविधा के लिए है।
लेकिन अधूरी प्लानिंग से यह पैसा व्यर्थ जाने का खतरा है।

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