हजारीबाग स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (जेपी कारा) से फरार हुए तीन कैदियों का 24 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। इस घटना ने झारखंड की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🔍 कैसे भागे कैदी?
जेल अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन ने बताया कि
बैरक नंबर-6, वार्ड-4 की खिड़की का ग्रिल काटकर तीनों कैदी
रात 1:36 से 2:45 बजे के बीच फरार हुए।
घटना के बाद लोहसिंघना थाना में केस दर्ज कर
IPC की धारा 224 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और
फोरेंसिक टीम कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कर रही है।
🚔 एसआईटी गठित, कई राज्यों में छापेमारी
हजारीबाग एसपी के निर्देश पर SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) बनाई गई है।
कुल 5 टीमें बनाई गई हैं जो —
- हजारीबाग
- धनबाद
- रांची
- बिहार के सीमावर्ती इलाकों
में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
परिजनों और संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी जा चुकी है।
⚠️ जेल प्रशासन पर गिरी गाज
जांच में लापरवाही सामने आने पर
18 जेलकर्मी कार्रवाई के दायरे में आए हैं।
वार्ड ड्यूटी में तैनात —
- हेड वार्डन हरेंद्र महतो
- हेड वार्डन उमेश सिंह
को निलंबित कर दिया गया है।
जांच में सामने आया कि कैदियों ने
अंधेरा, धुंध और बिजली गुल होने का फायदा उठाया था।
फरारी पूरी तरह पूर्व नियोजित थी।
🧨 कौन हैं फरार कैदी?
फरार तीनों कैदी बेहद खतरनाक अपराधों में दोषी हैं —
| कैदी | अपराध |
|---|---|
| देवा भुईया | कुख्यात अपराधी, 2021 में भी जेल से भाग चुका |
| जीतेंद्र रवानी | POCSO केस में 22 साल की सजा |
| राहुल रजवार | POCSO केस में उम्रकैद |
🔥 सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
जैप-7 के डीएसपी राजेंद्र कुमार ने जेल पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
पुलिस को उम्मीद है कि जल्द कैदियों को दबोच लिया जाएगा।




