गौहाटी हाई कोर्ट शिफ्टिंग का विरोध: वकीलों की तीन दिवसीय भूख हड़ताल, 11 जनवरी को शिलान्यास का बहिष्कार

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गुवाहाटी में गौहाटी उच्च न्यायालय को ब्रह्मपुत्र नदी के पार नॉर्थ गुवाहाटी स्थानांतरित करने के फैसले के खिलाफ वकीलों का विरोध तेज हो गया है।
गौहाटी हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (GHCBA) के नेतृत्व में 8, 9 और 11 जनवरी को तीन दिवसीय भूख हड़ताल शुरू कर दी गई है।

यह प्रदर्शन उजान बाजार स्थित पुराने हाई कोर्ट भवन के सामने प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक किया जा रहा है।

⚖️ क्यों कर रहे हैं वकील विरोध?

बार एसोसिएशन का कहना है कि हाई कोर्ट को स्थानांतरित करने का फैसला वकीलों, मुकदमेबाजों और न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों से परामर्श किए बिना लिया गया है।
वकीलों के अनुसार, गौहाटी हाई कोर्ट केवल असम ही नहीं बल्कि अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मिजोरम के लिए भी साझा उच्च न्यायालय है। इसलिए इसका स्थान बदलना पूरे पूर्वोत्तर की न्यायिक व्यवस्था को प्रभावित करेगा।

🏛️ कहां बनाया जा रहा है नया हाई कोर्ट?

असम सरकार नॉर्थ गुवाहाटी के रंगमहल (अमीनगांव) में 42.5 एकड़ भूमि पर एक विशाल न्यायिक टाउनशिप बना रही है।
इस परियोजना के पहले चरण के लिए ₹479 करोड़ की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है।

📅 11 जनवरी को शिलान्यास

भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत
11 जनवरी को नए हाई कोर्ट भवन की आधारशिला रखेंगे, जिसमें

  • केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल
  • असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा
    भी उपस्थित रहेंगे।

🚫 समारोह का बहिष्कार

गौहाटी हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने
➡️ शिलान्यास कार्यक्रम का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
➡️ सभी वकीलों से समारोह में शामिल न होने की अपील की गई है।

वकील उसी दिन पुराने हाई कोर्ट परिसर के बाहर शांतिपूर्ण भूख हड़ताल पर बैठेंगे, जिससे यह विरोध और अधिक प्रतीकात्मक हो जाएगा।

⚠️ दो साल से चल रहा है विरोध

पिछले दो वर्षों से वकील समुदाय लगातार इस स्थानांतरण का विरोध कर रहा है।
उन्हें आशंका है कि नया स्थान

  • मुकदमेबाजों की पहुंच कठिन बनाएगा
  • वकीलों और कर्मचारियों के लिए व्यावहारिक समस्याएं पैदा करेगा
  • बहु-राज्यीय न्यायिक प्रणाली पर असर डालेगा

इस आंदोलन को अब असम के अन्य बार एसोसिएशन और नागरिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है, जिससे यह मुद्दा और व्यापक बनता जा रहा है।

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