ECI ने SIR के लिए चाय बागान और सिनकोना प्लांटेशन रिकॉर्ड को दी मान्यता

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भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उत्तर पश्चिम बंगाल के सात जिलों में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) अभियान के तहत मतदाता सत्यापन के लिए चाय बागान और सिनकोना प्लांटेशन के रोजगार रिकॉर्ड को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने की मंजूरी दे दी है।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यह निर्णय राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को भेजे गए पत्र के माध्यम से सूचित किया गया है। यह मंजूरी दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर जिलों पर लागू होगी।

मजदूरों को मिलेगा बड़ा लाभ

इन जिलों में बड़ी संख्या में लोग चाय बागान और सिनकोना प्लांटेशन में कार्यरत हैं, जिनके पास अक्सर पारंपरिक पहचान दस्तावेज नहीं होते। ऐसे में यह फैसला हजारों मजदूरों को मतदाता सूची में अपना नाम बनाए रखने में मदद करेगा।

भाजपा सांसद राजू बिष्ट का दावा

दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने सोशल मीडिया पर कहा कि अब इन प्लांटेशन रिकॉर्ड को भविष्य में अन्य आधिकारिक कार्यों में भी पहचान दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर इस मांग को उठाया था।

SIR प्रक्रिया को लेकर बढ़ रही थी नाराजगी

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। मामूली गलतियों पर भी नाम हटाने की आशंका से खासकर ग्रामीण और मजदूर वर्ग में असंतोष बढ़ गया था।

ऐसे में चुनाव आयोग द्वारा दस्तावेजों की सूची का विस्तार करना मतदाताओं को राहत देने वाला कदम माना जा रहा है। इससे विशेष रूप से चाय बागान और प्लांटेशन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

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