बसंत पंचमी : पंचमी तिथि का सूर्योदय संयोग, बौद्धिक साधना के लिए शुभ
वाराणसी | बसंत पंचमी 2026 पर ग्रह-नक्षत्रों का विशेष संयोग बन रहा है। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के अनुसार, इस दिन मकर राशि में सूर्य और मीन राशि में चंद्रमा का दुर्लभ योग रहेगा। साथ ही पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और शिव योग का प्रभाव इसे ज्ञान, विद्या और बौद्धिक साधना के लिए अत्यंत शुभ बनाता है।
प्रो. शर्मा ने बताया कि ज्योतिष विभाग के पंचांगों और धर्मशास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार माघ शुक्ल पंचमी तिथि का प्रारंभ 23 जनवरी 2026 को रात 02:29 बजे होगा और यह 24 जनवरी को रात 01:46 बजे तक रहेगी।
शास्त्रीय सिद्धांत “तिथिं समनु प्राप्त उदयं याति भास्करः” के आधार पर, चूंकि पंचमी तिथि का सूर्योदय संयोग 23 जनवरी को पड़ रहा है, इसलिए यही दिन बसंत पंचमी और सरस्वती पूजन के लिए मुख्य रूप से मान्य होगा।
श्रेष्ठ पूजन मुहूर्त :
📍 23 जनवरी 2026, सुबह 07:56 से दोपहर 01:59 बजे तक — सरस्वती पूजन, विद्यारंभ, जप-तप और अध्ययन के लिए सर्वोत्तम समय।
उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी भारतीय संस्कृति में ऋतु परिवर्तन, नवचेतना, सृजनशीलता और बौद्धिक जागरण का प्रतीक है। यह पर्व विशेष रूप से विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और साधकों के लिए कल्याणकारी माना जाता है।




