Zero Import Duty Debate: कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क से किसानों का भविष्य खतरे में, बोले विक्रमादित्य सिंह

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🔹 Zero Import Duty on Agriculture पर चिंता

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
Zero Import Duty on Agriculture को लेकर किसान संगठनों में चिंता बढ़ी है।

🔹 विक्रमादित्य सिंह का बयान

हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों के भविष्य के लिए खतरनाक हो सकता है।

🔹 अमेरिका से जुड़े दावे

उनके अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से बड़े दावे किए हैं।
इन दावों में कृषि उत्पादों पर शुल्क हटाने की बात शामिल है।

🔹 किसानों से बिना चर्चा का आरोप

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि किसानों से कोई चर्चा नहीं हुई।
Zero Import Duty on Agriculture लागू करना विश्वासघात होगा।

🔹 छोटे किसानों पर असर

भारत की खेती छोटे और सीमांत किसानों पर आधारित है।
ऐसे में सब्सिडी आधारित विदेशी खेती से मुकाबला मुश्किल होगा।

🔹 घरेलू बाजार पर खतरा

यदि अमेरिकी अनाज और डेयरी सस्ते आएंगे, तो कीमतें गिरेंगी।
इससे Zero Import Duty on Agriculture का सीधा असर आय पर पड़ेगा।

🔹 डेयरी क्षेत्र भी संवेदनशील

उन्होंने डेयरी सेक्टर पर दबाव की खबरों पर चिंता जताई।
यह क्षेत्र लाखों परिवारों की आजीविका से जुड़ा है।

🔹 केंद्र सरकार की चुप्पी

उन्होंने सवाल किया कि सरकार अब तक स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रही।
Zero Import Duty on Agriculture पर पारदर्शिता जरूरी बताई गई।

🔹 ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर संकट गहरा सकता है।
कर्ज और लागत का बोझ पहले से बढ़ा हुआ है।

🔹 संवाद की मांग

उन्होंने संसद में चर्चा और राज्यों से सलाह की मांग की।
Zero Import Duty on Agriculture जैसे फैसले खुले संवाद से होने चाहिए।

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