धर्मशाला में भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस छल से सत्ता में न आती, तो हिमाचल आज आर्थिक संकट का सामना नहीं कर रहा होता।
कपूर ने सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को अनुभवहीन और कुप्रबंधन से घिरी बताया। उनका कहना है कि छोटे से राज्य में मुख्यमंत्री के लिए आधा दर्जन सलाहकार नियुक्त करना फिजूलखर्ची का उदाहरण है।
💸 हेलीकॉप्टर और नियुक्तियों पर सवाल
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि
- लीज पर लिए गए हेलीकॉप्टर पर हर महीने 1.5 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
- 36 महीनों में यह खर्च 60 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
- मंत्रियों की सुरक्षा के लिए लग्जरी वाहनों पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
- 15 से अधिक चेयरमैन और ओएसडी की नियुक्तियों पर 25 करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यय हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि अक्टूबर 2025 में विधायकों और मंत्रियों के वेतन-भत्तों में 24% वृद्धि से 90 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा।
📊 कर्मचारियों और योजनाओं का मुद्दा
कपूर का आरोप है कि
- कर्मचारियों के लंबित एरियर और डीए की किस्तों के बजाय धन उत्सवों और रैलियों पर खर्च हुआ।
- मंडी और धर्मशाला में आयोजनों पर लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
- ‘हिमकेयर’ जैसी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं दिए गए।
उन्होंने विज्ञापन वितरण में भी पक्षपात का आरोप लगाया और इसे राजनीतिक तुष्टिकरण बताया।
🔎 सियासी पारा चढ़ा
इन आरोपों के बाद हिमाचल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि कांग्रेस सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब देखना होगा कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में किस तरह राजनीतिक बहस को प्रभावित करता है।



