🔹 जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई
शिमला जिला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तीन आदतन तस्करों को पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत तीन महीने की निवारक नजरबंदी में जेल भेज दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई को “जीरो टॉलरेंस” नीति का हिस्सा बताया गया है।
🔹 पहला आरोपी: 52 से अधिक मामले दर्ज
पहला आरोपी इंदर देव उर्फ दानु (41) निवासी मंधोरपाट है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट समेत कुल 52 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2022 में 40.26 ग्राम हेरोइन और 16.35 ग्राम अफीम, 2023 में 18.55 ग्राम हेरोइन तथा 2024 में पंजाब के जिरकपुर में 60 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। दिसंबर 2025 में धर्मपुर (सोलन) में भी वह 2.47 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया था।
🔹 अन्य दो आरोपी भी जेल भेजे गए
दूसरा आरोपी दीपक ठाकुर (35), निवासी नवबहार, छोटा शिमला है। उसके खिलाफ 2021 और 2025 में हेरोइन बरामदगी के मामले दर्ज हैं।
तीसरा आरोपी संजीव कुमार उर्फ घोड़ा (34), निवासी ठियोग क्षेत्र है। उसके खिलाफ 2020 से 2025 के बीच ढली थाना में चार मामले दर्ज हुए हैं।
🔹 28 दिनों में 21 तस्कर जेल
एसएसपी गौरव सिंह के अनुसार, पिछले 28 दिनों में डिटेंशन आदेशों के तहत कुल 21 आदतन तस्करों को तीन-तीन महीने के लिए जेल भेजा गया है।
पुलिस का कहना है कि शिमला नशा तस्कर जेल कार्रवाई का उद्देश्य संगठित गिरोहों की कमर तोड़ना और युवाओं को नशे से बचाना है। अभियान आगे भी जारी रहेगा।



