Supreme Court on False Criminal Cases: झूठी शिकायतों के आधार पर दर्ज हो रहे आपराधिक मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
Supreme Court of India की पीठ, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत कर रहे थे, ने इस मामले में केंद्र और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है।
🔹 याचिका में क्या कहा गया?
यह याचिका अश्विनी उपाध्याय ने दायर की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि फर्जी आपराधिक मामलों के कारण ईमानदार नागरिक भय के माहौल में जी रहे हैं।
याचिकाकर्ता का कहना है कि कई बार दीवानी विवादों को आपराधिक मुकदमे में बदल दिया जाता है।
जमीन विवाद जैसे मामलों में गंभीर धाराएं लगा दी जाती हैं।
कुछ मामलों में महिलाओं के नाम पर छेड़छाड़ या दुष्कर्म जैसे आरोप भी लगाए जाते हैं।
🔹 अदालत की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कई बार जिस व्यक्ति के नाम पर शिकायत दर्ज होती है, उसे इसकी जानकारी तक नहीं होती।
अमीर और प्रभावशाली लोग फर्जी हस्ताक्षर के जरिए गरीबों का शोषण करते हैं।
हाल ही में एक महिला ने अदालत में आकर कहा कि उसके नाम से एक राजनीतिक नेता के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज की गई थी।
🔹 बढ़ रहा है न्यायालय पर बोझ
कोर्ट ने कहा कि फर्जी मामलों से न्यायालयों पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा है।
अब केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मांगा गया है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।



