गैस संकट का असर मंदिरों तक पहुंचा
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट और आपूर्ति में व्यवधान का असर अब धार्मिक स्थलों पर भी दिखने लगा है।
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के प्रसिद्ध बर्गभीमा मंदिर भोग सेवा बंद करने का निर्णय लिया गया है।
21 मार्च से बंद होगी भोग सेवा
मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक में फैसला लिया गया कि 21 मार्च से श्रद्धालुओं के लिए भोग सेवा और प्रसाद वितरण अनिश्चितकाल के लिए स्थगित रहेगा।
यह निर्णय कमर्शियल गैस की भारी कमी के कारण लिया गया है।
गैस की कमी और बढ़ी कीमतें कारण
मंदिर प्रशासन के अनुसार पिछले कुछ समय से व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बेहद सीमित हो गई है।
बाजार में गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण रोजाना सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए भोग तैयार करना मुश्किल हो गया है।
अग्रिम बुकिंग रद्द, पैसे लौटाए जाएंगे
मंदिर प्रबंधन ने बताया कि जिन श्रद्धालुओं ने पहले से भोग या विशेष प्रसाद की बुकिंग कराई थी, उन्हें फोन के जरिए सूचना दी जा रही है।
बर्गभीमा मंदिर भोग सेवा बंद होने के कारण उनकी बुकिंग रद्द की जा रही है और जमा राशि वापस की जा रही है।
51 शक्तिपीठों में से एक है मंदिर
तमलुक का बर्गभीमा मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में से एक प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है।
यहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने आते हैं।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
भक्तों और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
उनका कहना है कि मंदिरों जैसे धार्मिक संस्थानों के लिए गैस का विशेष कोटा या वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
आपूर्ति सामान्य होते ही फिर शुरू होगी सेवा
मंदिर प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही गैस की आपूर्ति सामान्य होगी, बर्गभीमा मंदिर भोग सेवा बंद का निर्णय वापस लेकर सेवा फिर से शुरू कर दी जाएगी।



