सात दिवसीय मधुबनी चित्रकला कार्यशाला का समापन
Araria में कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय मधुबनी चित्रकला कार्यशाला का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।
यह कार्यशाला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च से आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित की गई थी।
बालिकाओं को पारंपरिक कला से जोड़ने का प्रयास
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को पारंपरिक कला से जोड़ते हुए उनकी सृजनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना था।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 30 बालिकाओं ने भाग लिया।
मधुबनी कला की विभिन्न शैलियों का प्रशिक्षण
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने अत्यंत लगन के साथ मधुबनी चित्रकला की विभिन्न शैलियों, विषयों और तकनीकों को सीखा।
उन्हें मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, इस लोक कला के इतिहास और इसके महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने दी चित्रकला की बारीकियां
ललित कला की शिक्षिका श्रद्धा सुमन ने प्रतिभागियों को मधुबनी चित्रकला की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने पारंपरिक शैली, प्राकृतिक रंगों के उपयोग, रेखांकन की विधि और विभिन्न प्रतीकों के महत्व के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने भगवान-देवताओं, प्रकृति, सामाजिक विषयों और मिथिला संस्कृति से जुड़े कई आकर्षक चित्र बनाए।
प्रदर्शनी में सराहे गए प्रतिभागियों के चित्र
समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए चित्रों की एक छोटी प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे उपस्थित लोगों ने काफी सराहा।



