उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के थाना नारखी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां एक पेट्रोल पंप पर कार्यरत दो युवकों के शव बंद कमरे में मिले, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
मृतकों की पहचान सागर पुत्र चंदेल सिंह और मोहित पुत्र राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है। दोनों युवक इटावा जिले के गांव रूपपुरा के निवासी थे और असन चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पर काम करते थे।
🔥 जनरेटर के धुएं से दम घुटने की आशंका
पुलिस के अनुसार, दोनों युवक गुरुवार रात काम खत्म करने के बाद उस कमरे में सोने गए थे, जहां जनरेटर चल रहा था। शुक्रवार सुबह जब काफी देर तक दोनों बाहर नहीं आए, तो कर्मचारियों को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।
कमरा खोलने पर दोनों युवक बेहोशी की हालत में पड़े मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
👮♂️ पुलिस जांच में जुटी
अपर पुलिस अधीक्षक नगर रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि
“प्रथम दृष्टया यह मामला जनरेटर से निकले धुएं के कारण दम घुटने से मौत का प्रतीत होता है। वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा।”
घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया और सबूत जुटाए गए हैं। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।
⚠️ सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पेट्रोल पंपों और जनरेटर वाले कमरों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बंद कमरे में चल रहे जनरेटर से निकलने वाला कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जानलेवा साबित हो सकता है।




