🔹 05 फरवरी का ऐतिहासिक महत्व
05 फरवरी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अहम तारीख मानी जाती है।
इस दिन हुई एक घटना ने आंदोलन की दिशा बदल दी।
🔹 चौरी-चौरा में क्या हुआ था
05 फरवरी 1922 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हिंसा भड़की।
यह घटना चौरी-चौरा कस्बे में हुई।
🔹 प्रदर्शन से हिंसा तक
ब्रिटिश शासन के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो रहा था।
स्थिति बिगड़ी और पुलिस से टकराव हो गया।
🔹 पुलिस चौकी में आग
उग्र भीड़ ने पुलिस चौकी में आग लगा दी।
इस घटना में 22 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई।
🔹 स्वतंत्रता आंदोलन पर असर
यह घटना जनता के गुस्से को दर्शाती थी।
हालांकि, हिंसा ने आंदोलन को झटका दिया।
🔹 गांधीजी का कठिन फैसला
हिंसा से आहत महात्मा गांधी ने बड़ा निर्णय लिया।
उन्होंने असहयोग आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।
🔹 अहिंसा के सिद्धांत पर अडिग
कई क्रांतिकारी इस फैसले से निराश हुए।
फिर भी गांधीजी अहिंसा से पीछे नहीं हटे।
🔹 नैतिक संघर्ष की पहचान
Chauri Chaura Incident ने नैतिक सवाल खड़े किए।
आज़ादी की लड़ाई केवल सत्ता नहीं थी।
🔹 वैचारिक मोड़ का प्रतीक
यह घटना वैचारिक अनुशासन की मिसाल बनी।
अहिंसा को आंदोलन की आत्मा माना गया।
🔹 आज के लिए संदेश
Chauri Chaura Incident हमें संयम का पाठ पढ़ाती है।
यह याद दिलाती है कि साधन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
🔹 इतिहास से सीख
05 फरवरी की यह घटना आज भी प्रासंगिक है।
यह स्वतंत्रता संग्राम की वैचारिक गहराई दिखाती है।




