🛢️ तेल बाजार में फिर उबाल
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के बावजूद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 103 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के आसपास पहुंच गया है, जिससे ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।
📈 कीमतों में तेज उछाल
मंगलवार को ब्रेंट क्रूड लगभग 2.75 डॉलर (करीब 2.75%) बढ़कर 102.69 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 3% से ज्यादा उछलकर करीब 90.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
🌍 तनाव बना मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ‘सफल बातचीत’ के दावे को खारिज करने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुलने को लेकर भी संशय बना हुआ है, जो तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है।
⚖️ आगे क्या संकेत
विश्लेषकों का कहना है कि जब तक क्षेत्र में स्थिरता नहीं आती, तब तक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
📊 भविष्य का अनुमान
Goldman Sachs ने 2026 के लिए अपने अनुमान बढ़ा दिए हैं।
- ब्रेंट क्रूड: 85 डॉलर प्रति बैरल (पहले 77 डॉलर)
- WTI: 79 डॉलर प्रति बैरल (पहले 72 डॉलर)
💡 असर क्या होगा?
तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर वैश्विक महंगाई, परिवहन लागत और आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ सकता है।



