⚠️ नशे का बढ़ता खतरा
Himachal Pradesh में ड्रग्स का फैलता नेटवर्क अब गंभीर चिंता का विषय बन गया है। पिछले तीन वर्षों में राज्य में ड्रग्स की ओवरडोज से 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसका खुलासा विधानसभा में हुआ।
📊 सरकार ने दिए चौंकाने वाले आंकड़े
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने बताया कि
- 2023: 8 मौतें
- 2024: 31 मौतें
- 2025: 27 मौतें
हालांकि 2026 के शुरुआती महीने में ओवरडोज से कोई मौत दर्ज नहीं हुई है।
🚔 हजारों मामले दर्ज
पिछले तीन वर्षों में चिट्टा समेत नशीले पदार्थों से जुड़े 6246 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 5684 मामलों में चालान पेश हो चुके हैं, जबकि सैकड़ों मामले अभी जांच या अदालत में लंबित हैं।
⚖️ न्यायिक प्रक्रिया पर दबाव
इन मामलों में
- 108 आरोपियों को सजा मिली
- 139 आरोपी बरी हुए
- 5437 मामले अभी लंबित हैं
यह आंकड़े बताते हैं कि न्यायिक प्रणाली पर भी भारी दबाव है।
👥 गिरफ्तारी और जमानत
इस दौरान हजारों गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन 5298 आरोपियों को जमानत भी मिल चुकी है। चिट्टा से जुड़े मामलों में 3152 एफआईआर दर्ज हुईं और 5563 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
📍 सबसे ज्यादा प्रभावित जिला
राजधानी Shimla में सबसे ज्यादा 639 मामले दर्ज हुए, जबकि Lahaul-Spiti में सबसे कम सिर्फ 2 मामले सामने आए।
💡 बढ़ती चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते आंकड़े संकेत देते हैं कि राज्य में नशे के खिलाफ और सख्त रणनीति की जरूरत है।



