▶️ चैती छठ समापन 2026 कैसे हुआ?
चैती छठ समापन 2026 उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ। भागलपुर के गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालु जुटे।
सुबह होते ही घाटों पर भक्ति और उत्साह का माहौल दिखा।
▶️ किन स्थानों पर दिखी ज्यादा भीड़?
बरारी घाट, कुप्पाघाट और सीढ़ी घाट पर भारी भीड़ रही। नवगछिया, कहलगांव और सुल्तानगंज में भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे।
चैती छठ समापन 2026 के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और सफाई के विशेष इंतजाम किए।
▶️ घरों में कैसे मनाई गई पूजा?
कई श्रद्धालु घाट नहीं पहुंच सके, इसलिए उन्होंने घरों में ही पूजा की। कुछ ने छत पर कृत्रिम तालाब बनाकर अर्घ्य दिया।
चैती छठ समापन 2026 में यह परंपरा भी बड़े स्तर पर देखने को मिली।
▶️ व्रत और परंपरा का महत्व
इस पर्व में 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है। व्रती पूरी श्रद्धा से सूर्य देव और छठी मइया की पूजा करते हैं।
चैती छठ समापन 2026 में ठेकुआ, फल और गन्ना जैसे प्रसाद चढ़ाए गए।
▶️ प्रशासन की क्या तैयारी रही?
घाटों पर साफ-सफाई, सुरक्षा और प्रकाश की बेहतर व्यवस्था की गई। इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिली।
चैती छठ समापन 2026 में प्रशासन की तैयारी सराहनीय रही।
▶️ पारण के साथ हुआ व्रत समाप्त
सूर्योदय के अर्घ्य के बाद व्रत का पारण किया गया। व्रती पहले भगवान को प्रसाद चढ़ाते हैं, फिर स्वयं ग्रहण करते हैं।



