नक्सल इलाकों में बदलेगी तस्वीर! जहां चलती थी बंदूक, अब खुलेंगे 22 नए स्कूल

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📌 नक्सल क्षेत्र शिक्षा बदलाव की नई शुरुआत

नक्सल क्षेत्र शिक्षा बदलाव के तहत सुकमा जिले में बड़ा कदम उठाया गया है। अब 22 नए स्कूल खोलने का प्रस्ताव भेजा गया है।

📌 जहां चलती थी नक्सली शिक्षा

पहले इन इलाकों में बच्चों को माओवादी विचारधारा सिखाई जाती थी। नक्सल क्षेत्र शिक्षा बदलाव से अब संविधान और सामान्य पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है।

📌 बच्चों के लिए नई उम्मीद

कई गांवों के बच्चे पहली बार स्कूल देख रहे हैं। नक्सल क्षेत्र शिक्षा बदलाव से शिक्षा की रोशनी दूर-दराज इलाकों तक पहुंच रही है।

📌 गुरुकुल से शुरू हुआ बदलाव

पूवर्ती जैसे गांवों में सीआरपीएफ द्वारा गुरुकुल शुरू किया गया। नक्सल क्षेत्र शिक्षा बदलाव से अब बच्चे पढ़ाई की ओर बढ़ रहे हैं।

📌 पूर्व नक्सली भी बने शिक्षक

आत्मसमर्पित नक्सली अब शिक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं। नक्सल क्षेत्र शिक्षा बदलाव में उनका योगदान अहम माना जा रहा है।

📌 शिक्षा विभाग की बड़ी पहल

शिक्षा विभाग ने 22 स्कूल खोलने का प्रस्ताव भेजा है। नक्सल क्षेत्र शिक्षा बदलाव से भविष्य में और स्कूल खुल सकते हैं।

📌 निष्कर्ष: बंदूक से किताब की ओर सफर

नक्सल क्षेत्र शिक्षा बदलाव बस्तर की नई पहचान बन रहा है। अब यह क्षेत्र विकास और शिक्षा की राह पर आगे बढ़ रहा है।

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