📌 बयान पर शुरू हुआ विवाद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की असम इकाइयों ने मल्लिकार्जुन खरगे के एक कथित विवादित बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। इस मामले में गुवाहाटी के दिसपुर थाना और सिलचर थाना में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
📌 क्या है पूरा मामला
आरएसएस के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने दक्षिण असम में एक चुनावी रैली के दौरान आरएसएस और भाजपा की विचारधारा की तुलना “जहरीले सांप” से की। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह बयान अपमानजनक, उकसावेपूर्ण और साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील है।
📌 FIR में क्या कहा गया
शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की टिप्पणी से संगठन के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ हिंसा और शत्रुता को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही इसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत “भ्रष्ट चुनावी आचरण” की श्रेणी में भी बताया गया है।
📌 साम्प्रदायिक तनाव की आशंका
आरएसएस ने दावा किया है कि यह बयान समाज में वैमनस्य और डर का माहौल पैदा कर सकता है। खासतौर पर चुनावी माहौल में ऐसे बयान सार्वजनिक शांति और सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं।
📌 लोकतांत्रिक मर्यादा पर जोर
संघ की ओर से कहा गया है कि लोकतंत्र में राजनीतिक संवाद मर्यादित और संवैधानिक दायरे में होना चाहिए। चुनावी राजनीति में ऐसी भाषा से बचना जरूरी है जो समाज को विभाजित करे।
📌 निष्कर्ष
खरगे के बयान को लेकर असम में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। अब देखना होगा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।



