🏦 RBI का नीतिगत फैसला
Reserve Bank of India ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला किया है। यह निर्णय वित्त वर्ष 2026-27 की पहली मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक में लिया गया।
👨💼 गवर्नर ने क्या कहा
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों, खासकर पश्चिम एशिया संकट के कारण महंगाई का खतरा बना हुआ है।
🌍 वैश्विक हालात का असर
ईरान से जुड़े तनाव और आपूर्ति शृंखला में बाधा के कारण महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में आरबीआई ने ब्याज दर में बदलाव करने के बजाय आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दी है।
💡 क्या होता है रेपो रेट?
रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। इसका सीधा असर होम लोन, कार लोन और EMI पर पड़ता है।
📊 आम लोगों पर क्या असर
- EMI में फिलहाल कोई बदलाव नहीं
- लोन की ब्याज दर स्थिर रह सकती है
- निवेश और बचत पर भी असर सीमित रहेगा
📉 पहले क्या हुआ था
आरबीआई ने फरवरी 2025 से अब तक कुल 1.25% की कटौती की थी। आखिरी बार दिसंबर 2025 में रेपो रेट घटाकर 5.25% किया गया था।
🔎 निष्कर्ष
फिलहाल आरबीआई ने सतर्क रुख अपनाया है। महंगाई और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव संभव है, लेकिन अभी के लिए स्थिरता बनाए रखी गई है।



