⚡ बैठक में बढ़ा तनाव
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच हुई बैठक विवादों में घिर गई। बुधवार सुबह हुई इस मुलाकात में माहौल अचानक गरमा गया।
👥 प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेता
टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल में डेरेक ओब्रायन, मेनका गुरुस्वामी, साकेत गोखले और सागरिका घोष शामिल थे।
🗣️ आयोग का आरोप
सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान डेरेक ओब्रायन ने चुनाव आयुक्तों पर आवाज ऊंची की और उन्हें बोलने से रोका। इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने बैठक की गरिमा बनाए रखने की बात कही।
📢 आयोग का सख्त संदेश
चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव भय, हिंसा और दबाव से मुक्त होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस बार निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किए जाएंगे।
❗ टीएमसी का पलटवार
वहीं, डेरेक ओब्रायन ने आरोप लगाया कि बैठक महज 7 मिनट चली और उन्हें “गेट लॉस्ट” कहकर बाहर जाने को कहा गया। उन्होंने इसे विपक्ष के साथ गलत व्यवहार बताया।
सागरिका घोष ने भी आयोग के बयान को गलत बताते हुए कहा कि आयोग की ओर से जारी जानकारी वास्तविकता से मेल नहीं खाती।
⚖️ आरोप-प्रत्यारोप जारी
इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं। एक तरफ आयोग ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाया, वहीं टीएमसी ने आयोग पर गलत व्यवहार का आरोप लगाया है।
🔍 चुनाव से पहले बढ़ा सियासी तनाव
इस विवाद ने चुनाव से पहले सियासी माहौल को और गरमा दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी होने की संभावना है।



