🚨 बढ़ते साइबर फ्रॉड पर चिंता
Supreme Court of India ने देश में बढ़ते “डिजिटल अरेस्ट” मामलों पर गंभीर चिंता जताई है।
मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाला है कि शिक्षित लोग भी इस तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार हो रहे हैं।
💻 क्या है डिजिटल अरेस्ट?
इस तरह के फ्रॉड में अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई या अदालत का अधिकारी बताकर
- नकली वारंट दिखाते हैं
- वीडियो/ऑडियो कॉल पर “गिरफ्तारी” का डर पैदा करते हैं
- और फिर पैसे वसूलते हैं
⚠️ ‘किल स्विच’ की मांग
याचिकाकर्ता के वकील ने सुझाव दिया कि इस समस्या से निपटने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ‘किल स्विच’ होना चाहिए, ताकि पीड़ित तुरंत इस धोखाधड़ी को रोक सकें।
🏛️ सरकार और एजेंसियों की तैयारी
अटॉर्नी जनरल R. Venkataramani ने बताया कि इस मुद्दे पर विभागों के बीच बैठक हो चुकी है और जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अगली सुनवाई 12 मई को प्रस्तावित है।
🔍 पहले भी कोर्ट ने दिए थे सख्त निर्देश
- कोर्ट ने Central Bureau of Investigation को जांच के निर्देश दिए थे
- संदिग्ध बैंक खातों की पहचान और फ्रीज करने के लिए Reserve Bank of India को एआई उपयोग पर विचार करने को कहा
- राज्यों को जांच में सहयोग के निर्देश दिए गए
📉 बुजुर्ग दंपति से 1 करोड़ की ठगी
एक मामले में अपराधियों ने नकली कोर्ट आदेश दिखाकर अंबाला के बुजुर्ग दंपति से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की थी।
वीडियो कॉल के जरिए उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” में होने का झांसा दिया गया।
⚡ कोर्ट की सख्त चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि
👉 न्यायिक दस्तावेजों की जालसाजी
👉 और वरिष्ठ नागरिकों से ठगी
न्याय व्यवस्था पर सीधा हमला है



